औरंगाबाद में खाद्य तेल का बड़ा घोटाला उजागर, एफडीए की सबसे बड़ी कार्रवाई; 2.93 करोड़ रुपये का संदिग्ध तेल जब्त

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
त्योहारों के मौसम में आम लोगों की रसोई तक पहुंचने वाले खाद्य तेल को लेकर औरंगाबाद में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शहर और जिले के दो नामी ऑयल रिपैकिंग कारखानों पर एक साथ गुप्त छापेमारी कर 2 करोड़ 93 लाख 35 हजार 603 रुपये मूल्य का संदिग्ध एवं निम्न गुणवत्ता वाला खाद्य तेल जब्त किया है। इसे एफडीए के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कथित रूप से खिलवाड़ करने के आरोप में दोनों कंपनियों के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
गोपनीय सूचना के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जिला टीम ने 11 जुलाई 2026 को पैठण तहसील के गेवराई तांडा स्थित ‘मैसर्स बगारिया एग्रो प्रोडक्ट्स’ तथा शहर के अभिनय टॉकीज के पीछे लक्ष्मण चावड़ी क्षेत्र में स्थित ‘मैसर्स बगारिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्रियों में कथित रूप से बेहद अस्वच्छ और चिंताजनक हालात पाए।
जांच में सामने आया कि खाद्य तेल की पैकिंग के लिए पहले से इस्तेमाल किए गए पुराने और गंदे डिब्बों का उपयोग किया जा रहा था। रिफाइनरी विभाग की मशीनें, फैक्ट्री का फर्श, दीवारें और आसपास का परिसर अत्यंत खराब स्थिति में पाया गया। मशीनों पर धूल, जाले और जंग जमा हुआ था, जबकि उसी व्यवस्था में तेल की पैकिंग की जा रही थी। फैक्ट्री में दुर्गंधयुक्त तेल खुले टबों में रखा हुआ मिला। बंद पड़े अस्वच्छ रिफाइनरी विभाग और चालू रिपैकिंग यूनिट के एक ही परिसर में होने से तेल के दूषित होने की आशंका भी जताई गई।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दोनों संस्थानों में खाद्य तेल की गुणवत्ता जांचने के लिए आवश्यक आंतरिक प्रयोगशाला कार्यरत नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, तेल की गुणवत्ता संबंधी कोई विश्लेषण रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसके अलावा, इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य तेल का उत्पादन होने के बावजूद गुणवत्ता की निगरानी के लिए किसी तकनीकी अधिकारी या विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की गई थी। प्रारंभिक जांच में प्रशासन को आशंका है कि गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर केवल व्यावसायिक लाभ को प्राथमिकता दी जा रही थी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।