नांदेड़ शिक्षक सुसाइड केस में नया ट्विस्ट: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

नांदेड़ | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र के नांदेड़ में सामने आए शिक्षक सुनील मोरे आत्महत्या मामले में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। घटना के तीन दिन बाद आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि दोनों मासूम बच्चों की मौत गोदावरी नदी में कार गिरने से पहले ही हो चुकी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की धारदार हथियार से हत्या की गई थी। इस खुलासे के बाद मामले की जांच नए सिरे से तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, सुनील मोरे और उनकी पत्नी धम्मशिला मोरे हिमायतनगर तहसील के पोटा जिला परिषद स्कूल में शिक्षक थे। गुरुवार शाम सुनील मोरे अपने दोनों बच्चों को ट्यूशन छोड़ने की बात कहकर घर से निकले, लेकिन वे बच्चों को क्लास में नहीं ले गए। काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे तो उनकी पत्नी ने फोन कर पूछताछ की। इस दौरान सुनील मोरे ने कहा कि बच्चे उनके साथ नहीं हैं, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
इसी बीच सुनील मोरे ने अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर एक सुसाइड नोट साझा किया। उसमें उन्होंने लिखा कि वे अपने बच्चों के साथ आत्महत्या करने जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने हदगांव के समूह शिक्षा अधिकारी किशन फोले, विस्तार अधिकारी सूर्यकांत बाच्चे, केंद्र प्रमुख शिवाजी कदम और सहकर्मी दत्ता विश्वभर पवळे का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से मानसिक प्रताड़ना और लगातार जांच के कारण वे यह कदम उठाने को मजबूर हुए हैं।
सुसाइड नोट साझा करने के बाद उन्होंने अपने एक मित्र को फोन कर बताया कि उनके लैपटॉप में मामले से जुड़े अहम सबूत मौजूद हैं। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनका कोई संपर्क नहीं हो सका।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात बच्चों के सोते समय उनकी धारदार हथियार से हत्या की गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र के पुनेगांव के पास सुनील मोरे ने अपनी कार को लगभग 50 फीट गहरे गोदावरी नदी के पात्र में उतार दिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में सुसाइड नोट, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मृतक शिक्षक द्वारा लगाए गए मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
