जालना नगर निगम में अनुशासनहीनता पर सख्ती: महापौर ने चार पार्षदों को जारी किया कारण बताओ नोटिस

जालना | कादरी हुसैन
जालना नगर निगम की सामान्य सभा में कथित अनुशासनहीनता और सदन की गरिमा भंग करने के मामले में महापौर वंदना मगरे ने कड़ा रुख अपनाया है। सदन की कार्यवाही के दौरान अनुशासनहीन एवं आपत्तिजनक आचरण के आरोप में चार पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रविवार शाम प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई को आयोजित सामान्य सभा के दौरान महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति संध्या देठे, भाजपा पार्षद वीरेंद्र धोका, शिवसेना पार्षद निखिल पगारे तथा निर्दलीय पार्षद श्रीकांत पांगारकर पर सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करने, अध्यक्ष की अनुमति के बिना बार-बार बोलने, आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने तथा सदन की आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं।
महापौर वंदना मगरे ने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की अनुसूची ‘ड’ के नियम-2 के तहत चारों जनप्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संबंधित पार्षदों के विरुद्ध आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की सामान्य सभा में जनप्रतिनिधियों को इस प्रकार कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। इस कार्रवाई के बाद सदन की मर्यादा, अनुशासन और जनप्रतिनिधियों के आचरण को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।