महापौर वंदना मगरे को संध्या देठे की कानूनी नोटिस, ‘कारण बताओ’ नोटिस को बताया राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित

जालना | कादरी हुसैन
जालना नगर निगम की महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति तथा भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष संध्या संजय देठे ने महापौर वंदना अरुण मगरे को कानूनी नोटिस भेजकर उनके द्वारा जारी ‘कारण बताओ’ नोटिस को एकतरफा, नियमों के विरुद्ध और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया है। नोटिस में महापौर से सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देने की मांग की गई है, अन्यथा सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
अधिवक्ता शैलेश चंद्रकांत देशमुख के माध्यम से भेजी गई नोटिस में कहा गया है कि 14 जुलाई को आयोजित नगर निगम की सामान्य सभा में संध्या देठे ने जनहित से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। आरोप है कि महापौर ने उनके वक्तव्य का पूरा संदर्भ जाने बिना अधूरी जानकारी के आधार पर ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दी।
नोटिस के अनुसार, किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा जनहित के मुद्दे उठाना उसका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे मामलों को राजनीतिक नजरिए से देखते हुए दंडात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं है। नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि इस कार्रवाई से संध्या देठे की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
संध्या देठे ने यह भी कहा है कि संबंधित नोटिस के जवाब में वह पहले ही अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर चुकी हैं, लेकिन उसे विचार में लिए बिना नोटिस को जारी रखना कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
कानूनी नोटिस में महापौर वंदना मगरे से सात दिनों के भीतर जवाब देने की मांग की गई है। जवाब नहीं मिलने की स्थिति में सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही गई है।
इस घटनाक्रम के बाद जालना नगर निगम की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में महापौर वंदना मगरे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
