मालशेज घाट के कालू झरने में दो युवकों की डूबने से मौत, बारिश के दौरान नदी पार करना पड़ा भारी

पुणे | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
ओतूर: जुन्नर–मुरबाड सीमा पर स्थित मालशेज घाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कालू झरने पर शनिवार (25 जुलाई) को एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। कालू नदी के तेज बहाव का गलत अनुमान लगाकर नदी पार करने की कोशिश दोनों युवकों के लिए जानलेवा साबित हुई। इस घटना के बाद बारिश के मौसम में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
मृतकों की पहचान पवन श्याम साठे (18 वर्ष, निवासी मलकापुर, जिला बुलढाणा) और रमण विजय अन्नापुरे (20 वर्ष, निवासी नांदेड़) के रूप में हुई है। पवन अपने परिवार के साथ, जबकि रमण पुणे के दोस्तों के साथ घूमने आए थे। रमण पुणे में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, पहली घटना दोपहर करीब 1 बजे और दूसरी घटना लगभग 3:30 बजे हुई। नदी का पानी कम दिखाई देने पर कुछ पर्यटकों ने उसे पार करने का प्रयास किया। दोनों युवकों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करने की कोशिश की, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण अचानक नदी का जलस्तर और बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते दोनों तेज धारा में बह गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कालू नदी का बहाव बेहद अनिश्चित रहता है। ऊपरी क्षेत्र में बारिश होने पर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। नदी में गहरे गड्ढे, बड़े पत्थर और असमान सतह होने से खतरा और बढ़ जाता है। जानकारी के अभाव में कई पर्यटक लापरवाही से पानी में उतर जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं।
सूचना मिलते ही टोकावडे पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक शीतलकुमार नाईक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल की मदद से दोनों युवकों के शव बाहर निकाले गए। इस मामले में टोकावडे पुलिस थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
हादसे के बाद जुन्नर और मुरबाड प्रशासन ने पर्यटकों से बारिश के मौसम में नदियों, झरनों और नालों में उतरने से बचने तथा विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं स्थानीय लोगों ने कालू झरना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और खतरनाक स्थानों पर प्रवेश प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
