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निदा खान मामले से जुड़े मतीन पटेल प्रकरण में औरंगाबाद मनपा आयुक्त व अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

नगर निगम द्वारा अवैध निर्माण पर सात दिनों तक कार्रवाई नहीं करने के दिए गए मौखिक आश्वासन का पालन किए बिना तीन संपत्तियों को ध्वस्त किए जाने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। एमआईएम के नगरसेवक मतीन पटेल सहित तीन याचिकाकर्ताओं की मांग पर अदालत ने नगर निगम आयुक्त अमोल येडगे और अतिक्रमण हटाओ विभाग के अधिकारी संतोष वाहुळे को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी बनाने की अनुमति देते हुए उन्हें नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। दोनों अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।

मामले के अनुसार, औरंगाबाद नगर निगम ने 9 मई 2026 को एमआईएम के नगरसेवक मतीन पटेल, हनीफ खान और सैय्यद सरवर को नारेगांव स्थित कथित अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा था।

तीनों ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, लेकिन 12 मई को नगर निगम ने समय देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अवकाशकालीन अदालत में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से अदालत में मौखिक आश्वासन दिया गया कि नोटिस की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और सात दिनों तक कोई ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी।

याचिका पर अगली सुनवाई 18 मई के लिए निर्धारित थी, लेकिन आरोप है कि नगर निगम ने अपने ही आश्वासन का पालन किए बिना 13 मई की सुबह करीब पांच बजे तीनों संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।

इसके बाद मतीन पटेल, हनीफ खान और सैय्यद सरवर ने अधिवक्ता अभयसिंह भोसले और अधिवक्ता कृष्णा रोडगे के माध्यम से दीवानी आवेदन दायर कर प्रत्येक संपत्ति के लिए 50-50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। साथ ही अतिक्रमण हटाओ विभाग के अधिकारी संतोष वाहुळे के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की भी मांग की गई है।

शुक्रवार (31 जुलाई) को न्यायमूर्ति नितीन सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति आबासाहेब शिंदे की खंडपीठ ने आवेदन स्वीकार करते हुए नगर निगम आयुक्त अमोल येडगे और अधिकारी संतोष वाहुळे को नामजद प्रतिवादी बनाने की अनुमति दी और दोनों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

क्या है निदा खान और मतीन पटेल का मामला?

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब नाशिक के टीसीएस से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न प्रकरण की आरोपी निदा खान के औरंगाबाद के नारेगांव स्थित एमआईएम नगरसेवक मतीन पटेल के मकान में किराये पर रहने की बात सामने आई थी। इसके बाद नाशिक अपराध शाखा की टीम ने औरंगाबाद पहुंचकर उसी मकान से निदा खान को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद नगर निगम ने दावा किया कि संबंधित मकान बिना वैध निर्माण अनुमति के बनाया गया था। इसी आधार पर नगर निगम ने उस संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई की। अब उसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए मतीन पटेल और अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत में मुआवजे और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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