औरंगाबाद: BJP और AIMIM के 23 नगरसेवकों को अयोग्यता नोटिस, राजनीतिक हलकों में मची हलचल

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
औरंगाबाद नगर निगम की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नगर निगम के 23 नगरसेवकों को अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। इन नोटिसों के बाद संबंधित नगरसेवकों की सदस्यता पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इनमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 7 और विपक्षी दल एमआईएम के 16 नगरसेवक शामिल हैं।
नगर निगम चुनाव में पराजित हुए उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत इन नगरसेवकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं में कई आधारों पर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है।
याचिकाओं में मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
- अवैध निर्माण करने का आरोप
- अतिक्रमण करने का आरोप
- दो से अधिक संतान होने का दावा
इन आरोपों के आधार पर संबंधित नगरसेवकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
प्रशासन ने इन शिकायतों पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। नगर सचिव, जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग और अतिक्रमण विभाग से संबंधित मामलों की जांच कराई गई है। इसके बाद सभी 23 नगरसेवकों को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए आवश्यक दस्तावेजों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, इन मामलों की अंतिम सुनवाई अगस्त और सितंबर में होगी। सुनवाई के दौरान संबंधित नगरसेवकों को सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्यों के साथ उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। यदि कोई संतोषजनक जवाब नहीं देता या सुनवाई में अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ एकतरफा फैसला लिया जा सकता है।
सत्ता समीकरण पर पड़ सकता है असर
यह मामला राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोग्यता नोटिस पाने वाले 23 नगरसेवकों में 7 भाजपा और 16 एमआईएम के हैं। यदि सुनवाई के बाद किसी भी नगरसेवक को अयोग्य घोषित किया जाता है, तो इसका सीधा असर नगर निगम के संख्याबल और सत्ता समीकरण पर पड़ सकता है। यही वजह है कि अगस्त और सितंबर में होने वाली सुनवाई पर पूरे राजनीतिक जगत की नजरें टिकी हुई हैं।