13 अगस्त से महाराष्ट्र में फिर बढ़ेगा बारिश का जोर, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश ने थोड़ी राहत दी है, लेकिन अब एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 13 अगस्त से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। खासकर कोंकण, घाट क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में बारिश का जोर बढ़ सकता है। नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मुंबई क्षेत्रीय मौसम केंद्र की 8 अगस्त को जारी पांच दिवसीय भविष्यवाणी के अनुसार, उत्तर कोंकण और दक्षिण कोंकण-गोवा में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर, जबकि मराठवाड़ा और विदर्भ में छिटपुट बारिश हो सकती है। 9 से 12 अगस्त के बीच कोंकण में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में बारिश की अच्छी संभावना है। मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी बारिश का जोर बढ़ सकता है। वहीं मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, कमजोर या पुरानी इमारतों के गिरने और पेड़ों के उखड़ने का खतरा बढ़ सकता है। घाट क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने की आशंका भी बनी रहेगी।
राज्य में अब तक 637.1 मिमी बारिश
राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक 637.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में औसत बारिश 622.7 मिमी होती है। यानी राज्य में औसत से करीब 2 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हालांकि, विदर्भ और मराठवाड़ा में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। हिंगोली में औसत की तुलना में सबसे कम बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
गोंदिया में पुजारीटोला बांध के 6 गेट खोले
गोंदिया जिले में रात के दौरान हुई भारी बारिश के बाद पुजारीटोला बांध के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। पानी का स्तर नियंत्रित करने के लिए बांध के छह गेट खोल दिए गए हैं।
बांध से नदी में फिलहाल 16,476 क्यूसेक की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलसाठा करीब 82 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके चलते गोंदिया जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।