पहले पुलिस, फिर आम नागरिकों पर होगी सख़्त कार्रवाई, हेलमेट को लेकर औरंगाबाद पुलिस का बड़ा अभियान

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
सड़क हादसों और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या कम करने के लिए पुलिस महानिदेशक ने पूरे महाराष्ट्र में विशेष अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत औरंगाबाद शहर पुलिस ने हेलमेट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। खास बात यह है कि कार्रवाई की शुरुआत आम नागरिकों से नहीं, बल्कि पुलिस विभाग से ही की गई है।
सोमवार को बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 26 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। इन सभी पर कुल 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 3 हजार रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। यह जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त सुभाष भुजंग ने दी।
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार और उपायुक्त शर्मिष्ठा घारगे-वालावलकर ने पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले जून महीने में भी पुलिस आयुक्तालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर बिना हेलमेट आने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बिना हेलमेट आने वाले पुलिसकर्मियों को प्रवेश नहीं देने की व्यवस्था भी लागू की गई थी।
एक महीने के अंतराल के बाद यातायात शाखा ने दोबारा पुलिस थानों और विभिन्न पुलिस कार्यालयों के आसपास हेलमेट इस्तेमाल को लेकर जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 26 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई की जद में आए।
पुलिस विभाग का स्पष्ट रुख है कि हेलमेट अनिवार्यता की शुरुआत सबसे पहले पुलिसकर्मियों से ही की जाएगी। पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के बाद अब सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी।
इसके बाद शहर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले आम नागरिकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि हेलमेट नियम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा।