जालना: तीन महीने से वेतन नहीं, फिर भी शहर स्वच्छ रखने का फरमान! घंटागाड़ी चालकों में आक्रोश

जालना | कादरी हुसैन
जालना शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर महानगरपालिका प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। शहर की सड़कों, गलियों और बस्तियों से रोजाना कचरा उठाकर स्वच्छता बनाए रखने वाले घंटागाड़ी चालकों और सफाई कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने का आरोप सामने आया है। कर्मचारियों के मुताबिक जून, जुलाई और अगस्त महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
एक ओर आगामी गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन शहर को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए घंटागाड़ियों को नियमित रूप से चलाने और सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दे रहा है, तो दूसरी ओर इन्हीं कर्मचारियों को लगातार तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ती जा रही है।
घंटागाड़ी चालकों ने 2 सितंबर 2026 को महानगरपालिका आयुक्त को लिखित निवेदन देकर बकाया तीन महीने का वेतन तत्काल दिलाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे हर दिन पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस, घर का किराया, बैंक की किश्तें, दवाइयों और इलाज सहित रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों का सवाल है कि जब लगातार तीन महीने तक वेतन नहीं मिलता, तो परिवार का गुजारा कैसे चले? उनका आरोप है कि कई बार वेतन के लिए तीन से चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा भविष्य निधि यानी पीएफ को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि उनका पूरा बकाया वेतन तत्काल उनके खातों में जमा किया जाए और भविष्य में हर महीने 5 तारीख या अधिकतम 10 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
त्योहारों के दौरान शहर को स्वच्छ रखने की तैयारियों के बीच कर्मचारियों का कहना है कि जिस व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, प्रशासन को उनकी आर्थिक परेशानियों की भी चिंता करनी चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया और नियमित वेतन की व्यवस्था नहीं हुई, तो वे आंदोलन और कामबंद हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। अब निगाहें महानगरपालिका प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
