MPSC परीक्षा में ‘मार्किंग पैटर्न’ लीक का आरोप, सहसचिव समेत अन्य दोषियों पर कार्रवाई के लिए आयोग को भेजी गई रिपोर्ट

नागपुर | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। औषधि निरीक्षक पद की पेपर लीक मामले के बाद अब राज्य उत्पादन शुल्क उपनिरीक्षक (ग्रुप-क) पद के लिए आयोजित परीक्षा का ‘मार्किंग पैटर्न’ लीक होने का आरोप लगाया गया है। परीक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेज उजागर होने के आरोप वाले इस मामले में सहसचिव समेत अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट आयोग को भेजे जाने की जानकारी नागपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट से सामने आई है।
इस मामले में नवी मुंबई अपराध शाखा द्वारा की गई जांच में भी दोष पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद आयोग ने अब तक संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की, यह सवाल उठाया जा रहा है। इसके चलते यह सवाल भी सामने आया है कि आखिर आयोग किसका बचाव कर रहा है?
नागपुर पुलिस ने क्या कहा?
एमपीएससी परीक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेज उजागर होने का आरोप लगाते हुए रविंद्र दिनकर इंगोले समेत 15 उम्मीदवारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत की जांच के लिए आवेदन नागपुर शहर पुलिस की अपराध शाखा को भेजा गया था।
जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं में शामिल अमोल श्रीराम जाधव से पुलिस ने संपर्क किया और उनका बयान दर्ज किया। जाधव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के साथ-साथ महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण (MAT) की नागपुर पीठ में आवेदन क्रमांक 1189/2025 दाखिल किया है।
चूंकि इस मामले की सुनवाई चल रही है, इसलिए यह मामला न्यायप्रविष्ट है, ऐसा भी जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। इसी दौरान जांच में सामने आया कि इसी मामले को लेकर नवी मुंबई अपराध शाखा की यूनिट नंबर दो में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। नागपुर पुलिस ने नवी मुंबई अपराध शाखा के जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक अनिल पाटील से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि संबंधित शिकायत की जांच पूरी हो चुकी है।
नवी मुंबई पुलिस ने क्या कहा?
नवी मुंबई अपराध शाखा ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान एमपीएससी के सहसचिव और कुछ अन्य लोग दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग को रिपोर्ट भेजी गई है।
इससे एमपीएससी परीक्षा में गोपनीयता को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों को इस जांच रिपोर्ट के बाद नया मोड़ मिल गया है। हालांकि, संबंधित मामला महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण (MAT) में न्यायप्रविष्ट है और उस पर सुनवाई जारी है।
इसी कारण नागपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में शिकायतकर्ताओं की शिकायत का निपटारा हो जाने का उल्लेख करते हुए शिकायत आवेदन को दफ्तरी दाखिल करने की रिपोर्ट पुलिस निरीक्षक राहुल शिरे ने प्रस्तुत की है।
