लखन तुरे की उपचार के दौरान मौत, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचाया

जालना | कादरी हुसैन
जालना शहर के ढवलेश्वर क्षेत्र में 4 सितंबर को हुए जानलेवा हमले के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। हमले में गंभीर रूप से घायल लखन तुरे की छत्रपति संभाजीनगर में उपचार के दौरान रविवार, 6 सितंबर को मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। सोमवार, 7 सितंबर को परिजन शव लेकर सीधे जालना के पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर पहुंच गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, 4 सितंबर को ढवलेश्वर क्षेत्र में लखन तुरे पर तीन से चार लोगों ने कथित रूप से जानलेवा हमला किया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक उपचार जालना में किए जाने के बाद उनकी हालत चिंताजनक होने पर उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
निजी साहूकारी के विवाद में हमले का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि लखन तुरे पर हमला निजी साहूकारी से जुड़े विवाद के चलते किया गया। परिजनों के अनुसार, हमले में लखन के दोनों पैर भी टूट गए थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर हमले के पीछे की वास्तविक वजह तथा इसमें शामिल सभी आरोपियों की भूमिका सामने लाने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने पर चंदनझिरा पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक किरण बिडवे और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। वहीं, सदर बाजार पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन सानप सहित पुलिस कर्मचारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जानकारी जुटाई थी।
‘आरोपियों की गिरफ्तारी के बिना शव स्वीकार नहीं करेंगे’
लखन तुरे की मौत के बाद सोमवार सुबह छत्रपति संभाजीनगर में शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद परिजन शव लेकर जालना स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बिना वे शव स्वीकार नहीं करेंगे। इसके चलते पुलिस प्रशासन में भी हलचल मच गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने उनकी मांगों को सुना तथा मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की। पुलिस अधीक्षक ने भी परिजनों से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में चर्चा की।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। लखन तुरे की मौत के बाद अब पुलिस पर सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ गया है।
लखन तुरे की मौत से ढवलेश्वर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। हमले की वास्तविक वजह क्या थी, निजी साहूकारी विवाद से इसका कितना संबंध है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी, इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे।
