औरंगाबाद में एसटी स्मार्ट कार्ड में गड़बड़ी से यात्री परेशान, पुरुष कार्ड पर महिलाओं की श्रेणी और महिलाओं के कार्ड पर बच्चों की फोटो

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की ओर से रियायती यात्रियों के लिए लागू किए गए एनसीएमसी (स्मार्ट कार्ड) में तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्मार्ट कार्ड पर यात्री की वास्तविक जानकारी के बजाय गलत श्रेणी या फोटो दर्ज होने की शिकायत सामने आई है।
शिकायतों के अनुसार, कुछ पुरुष यात्रियों के स्मार्ट कार्ड पर महिलाओं की श्रेणी दर्ज है, जबकि कुछ महिलाओं के कार्ड पर बच्चों की फोटो दिखाई दे रही है। इन गलतियों के कारण यात्रियों को टिकट लेते समय परेशानी हो रही है और कई मामलों में उन्हें पूरी कीमत का टिकट खरीदना पड़ रहा है।
1 सितंबर से रियायती यात्रियों के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य किया गया है। हालांकि, तकनीकी समस्याओं के चलते 14 सितंबर तक कार्ड अनिवार्य नहीं होने की जानकारी दी गई है। जिन यात्रियों के पास स्मार्ट कार्ड उपलब्ध है, उन्हें कई स्थानों पर कार्ड के माध्यम से ही रियायती टिकट दिया जा रहा है।
कार्ड बनाने की जिम्मेदारी निजी कंपनी को
एसटी महामंडल ने स्मार्ट कार्ड बनाने की जिम्मेदारी ‘एम. इविक्स टेक्नॉलॉजी लिमिटेड’ कंपनी को सौंपी है। कंपनी राज्यभर में एसटी के एजेंटों के माध्यम से रियायती यात्रियों का पंजीकरण कर कार्ड उपलब्ध करा रही है।
हालांकि, कार्ड में दर्ज जानकारी में बड़ी संख्या में गलतियां होने की शिकायतें सामने आई हैं। यात्रियों का आरोप है कि कार्ड में दर्ज जानकारी गलत होने के बावजूद इसे ठीक कराने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। कई एजेंटों ने कंपनी के पास शिकायत करने की बात कही है, लेकिन अब तक समस्या का प्रभावी समाधान नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है।
अधिकारियों और एजेंटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
कार्ड में हुई गलतियों को लेकर अधिकारी और एजेंट एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। एजेंटों का कहना है कि कार्ड में होने वाली गलतियों के लिए संबंधित एजेंसी और कंपनी जिम्मेदार है, जबकि यात्रियों को इस तकनीकी गड़बड़ी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कुछ मामलों में पुरुषों के कार्ड पर महिलाओं की श्रेणी दर्ज होने और महिलाओं के कार्ड पर बच्चों की फोटो आने के कारण यात्रियों को रियायती टिकट के बजाय पूरा किराया देना पड़ रहा है। इससे यात्रियों और वाहकों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है।
यात्रियों में बढ़ती नाराजगी
एसटी की रियायती यात्रा का लाभ लेने वाले यात्रियों का कहना है कि स्मार्ट कार्ड व्यवस्था यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई है, लेकिन गलत जानकारी वाले कार्डों के कारण उन्हें ही परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों ने कार्ड में दर्ज गलत जानकारी तत्काल ठीक करने और रियायती यात्रा का लाभ निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एसटी महामंडल और संबंधित कंपनी इन तकनीकी एवं रिकॉर्ड संबंधी खामियों को कितनी जल्दी दूर करती है।
