डेढ़ साल के मासूम को आवारा कुत्ते ने काटा, चंदनझिरा में दहशत; मनपा की कार्रवाई पर उठे सवाल

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर के चंदनझिरा परिसर स्थित सागर कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम बच्चे को आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटना सामने आई है। शनिवार, 12 सितंबर को दोपहर करीब 4 बजे हुई इस घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया और नागरिकों में आवारा कुत्तों को लेकर डर का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जमीर पटेल के डेढ़ साल के बच्चे पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। घटना के बाद परिवार और स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। नागरिकों का कहना है कि चंदनझिरा परिसर में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते सड़कों और गलियों में घूमते रहते हैं, जिससे छोटे बच्चों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि परिसर में कई स्थानों पर चिकन और मटन की दुकानें खुले में संचालित होने के कारण भी आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। दिन के समय कुत्तों के घूमने से जहां लोगों को हमले का डर रहता है, वहीं रात में उनके लगातार भौंकने से नागरिकों को परेशानी होती है।
नागरिकों का कहना है कि पिछले कई महीनों से आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है। महानगरपालिका की ओर से समय-समय पर कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन नागरिकों के अनुसार यह कार्रवाई नियमित और प्रभावी नहीं है।
नागरिकों का यह भी कहना है कि नसबंदी के बाद कुत्तों को दोबारा उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है, जिससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए लगातार और प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए।
डेढ़ साल के मासूम पर हुए हमले के बाद अब चंदनझिरा के नागरिक महानगरपालिका प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का सवाल है कि आखिर आवारा कुत्तों की समस्या से उन्हें कब राहत मिलेगी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मनपा प्रशासन क्या कदम उठाएगा?