पीएचडी के सभी पात्र शोधार्थियों को सरसकट फेलोशिप देने की मांग, अर्जुन खोतकर को सौंपा निवेदन

जालना/कादरी हुसैन
जालना के शिवसेना कार्यालय में 15 सितंबर 2026 को शोधार्थियों ने शिवसेना नेता अर्जुन पंडितराव खोतकर को निवेदन सौंपकर पीएचडी में पंजीकृत सभी पात्र शोधार्थियों को सरसकट फेलोशिप देने की मांग की। शोधार्थियों ने सारथी, बार्टी, महाज्योति, टीआरटीआई, आर्टी, वनार्टी और अमृत के अंतर्गत फेलोशिप का लाभ सभी पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने की मांग की है।
शोधार्थियों ने कहा कि पीएचडी के दौरान शोधकार्य के लिए पर्याप्त समय देने के साथ अध्ययन सामग्री, संदर्भ ग्रंथ, यात्रा, डेटा संकलन, शोध उपकरण और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर खर्च करना पड़ता है। ऐसे में फेलोशिप नहीं मिलने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने वाले शोधार्थियों का शोधकार्य प्रभावित हो सकता है।
निवेदन में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार ने विभिन्न समाजघटकों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सारथी, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), आदिवासी संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (टीआरटीआई), महात्मा ज्योतिबा फुले संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (महाज्योति), अण्णाभाऊ साठे संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (आर्टी), वसंतराव नाईक संशोधन व प्रशिक्षण संस्था (वनार्टी) तथा महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती व प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) जैसी संस्थाएं स्थापित की हैं।
शोधार्थियों का कहना है कि विभिन्न शर्तों, निधि की उपलब्धता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया के कारण कई पात्र शोधार्थी फेलोशिप से वंचित रह जाते हैं। उनका कहना है कि पीएचडी में पंजीकृत पात्र विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के बजाय फेलोशिप के अवसर सीमित करना चिंता का विषय है।
शोधार्थियों ने पीएचडी फेलोशिप के साथ मिलने वाला घरभाड़ा भत्ता (HRA) और आनुषंगिक निधि (Contingency Grant) पूर्ववत जारी रखने की भी मांग की है। इसके अलावा फेलोशिप के लिए आवेदन की 35 वर्ष की आयु सीमा में शिथिलता देने की मांग की गई है, ताकि उच्च शिक्षा या पीएचडी पंजीकरण में विभिन्न कारणों से देरी होने वाले विद्यार्थियों को भी शोध का अवसर मिल सके।
वर्ष 2026 में पीएचडी के लिए पंजीकृत शोधार्थियों को तत्काल फेलोशिप प्रक्रिया में शामिल कर उन्हें इसका लाभ देने की मांग भी निवेदन में की गई है।
शोधार्थियों के अनुसार, इन मांगों को लेकर इससे पहले सारथी, बार्टी और महाज्योति कार्यालयों के सामने आंदोलन किया जा चुका है। पुणे के गोखले चौक में भी शोधार्थियों ने आंदोलन किया था।
प्रमुख मांगें
- सारथी, बार्टी, महाज्योति, टीआरटीआई, आर्टी, वनार्टी और अमृत के अंतर्गत पीएचडी में पंजीकृत सभी पात्र विद्यार्थियों को सरसकट फेलोशिप दी जाए।
- पीएचडी फेलोशिप में घरभाड़ा भत्ता (HRA) और आनुषंगिक निधि (Contingency Grant) पूर्ववत जारी रखी जाए।
- शोध अधिछात्रवृत्ति के लिए आवेदन की 35 वर्ष की आयु सीमा में शिथिलता दी जाए।
- वर्ष 2026 में पीएचडी के लिए पंजीकृत शोधार्थियों को तत्काल फेलोशिप प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
12 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना
निवेदन के अनुसार, इन मांगों को लेकर शोधार्थी 12 सितंबर 2026 से सुबह 11 बजे से छत्रपति संभाजीनगर स्थित समाज कल्याण कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन कर रहे हैं। शोधार्थियों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फरहाना तबस्सुम अब्दुल अजीज, आसमा बेगम मोहम्मद इक़बाल, सुमैया बेगम मोहम्मद इक़बाल, शेख मिनहाज शेख लतीफ और मोहम्मदी शकील मोमिन सहित शोधार्थियों ने अर्जुन पंडितराव खोतकर से उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान देने तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।