मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखामुक्त करने का प्रयास करेंगे: देवेंद्र फडणवीस; किसानों की 48 हजार करोड़ रुपये की बकाया बिजली बिल माफी का ऐलान

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के अवसर पर औरंगाबाद में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने मराठवाड़ा के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखामुक्त करने के लिए किए जा रहे उपायों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण की शुरुआत मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के इतिहास का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिलने के बाद भी मराठवाड़ा को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करना पड़ा और करीब 13 महीने बाद यह क्षेत्र निजाम के शासन से मुक्त हुआ। उन्होंने इस संघर्ष में बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, जेलों में अत्याचार सहने वालों और सत्याग्रह के माध्यम से आंदोलन करने वाले सभी सेनानियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के कारण ही मराठवाड़ा वास्तविक अर्थों में मुक्त हुआ। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व और तत्कालीन परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद रियासत का भारतीय संघ में विलय हुआ और इसी दिन को मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वंदे मातरम् बोलने पर भी थी पाबंदी : फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उस दौर में ‘वंदे मातरम्’ शब्द बोलने पर भी पाबंदी थी। मराठी बोलने और मराठी पढ़ाने पर प्रतिबंध था। लोगों को त्योहार और उत्सव मनाने की भी अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन दौर से मराठवाड़ा को बाहर निकालने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष किया।
मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति पर किसानों को भरोसा
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा लगातार संघर्ष कर रहा है और यहां विकास के लिए भी बड़ी चुनौती है। उनके अनुसार, इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन बारिश में लंबे अंतराल के कारण फसलों को नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी। सरकार किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर के बाद फसलों के नुकसान का पंचनामा जल्द पूरा कर किसानों को सहायता दी जाएगी। केंद्र से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के तहत मिलने वाली सहायता का इंतजार किए बिना राज्य सरकार अपनी ओर से भी किसानों तक मदद पहुंचाएगी।
पानी और चारे की समस्या से निपटने की तैयारी
फडणवीस ने कहा कि आने वाले समय में पीने के पानी और चारे की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। इसके लिए पहले से ही चारा विकास कार्यक्रम के तहत चारे की फसल लगाने का काम किया गया है।
किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ करने का ऐलान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के पुराने 48 हजार करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल रद्द करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को मुफ्त बिजली देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है और अब पुराने 48 हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल भी रद्द किए जाएंगे। इससे किसानों पर पुराने बिजली बिलों का बोझ नहीं रहेगा।
मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखामुक्त करने की योजना
मुख्यमंत्री ने मराठवाड़ा के सूखे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उल्हास नदी बेसिन से 70 टीएमसी पानी गोदावरी बेसिन में लाने का काम चल रहा है।
फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार का प्रयास है कि अगले सात वर्षों में चरणबद्ध तरीके से यह पानी गोदावरी बेसिन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रयास से मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखामुक्त करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा पीढ़ी ने सूखे का संकट देखा है, लेकिन प्रयास किया जाएगा कि अगली पीढ़ी को सूखे का सामना न करना पड़े। मराठवाड़ा के पानी और विकास से जुड़े मुद्दे लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों में शामिल रहे हैं।