मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस पर सिद्धार्थ उद्यान में दिखा अलग नजारा, भगवा पोशाक में पहुंचे इम्तियाज जलील

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर आज औरंगाबाद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सिद्धार्थ उद्यान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों मुख्य ध्वजारोहण और मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले यहां राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनने वाला नजारा देखने को मिला।
एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद इम्तियाज जलील पहली बार इस सरकारी कार्यक्रम में उपस्थित हुए। खास बात यह रही कि वे भगवा रंग के कपड़े पहने हुए नजर आए। कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न नेताओं और पदाधिकारियों से इम्तियाज जलील के हाथ मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है।
कार्यक्रम में पालकमंत्री संजय शिरसाट, सांसद संदिपान भुमरे, महापौर समीर राजूरकर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता चंद्रकांत खैरे, गंगापुर के विधायक प्रशांत बंब, विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी., महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर सिद्धार्थ उद्यान में मुख्यमंत्री के हाथों मुख्य शासकीय ध्वजारोहण का कार्यक्रम निर्धारित था।
आदर्श पतसंस्था के जमाकर्ताओं के पैसे वापस दिलाने की मांग
इम्तियाज जलील ने आदर्श पतसंस्था के जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर प्रस्तावित ‘गनिमी कावा’ आंदोलन को आज के लिए स्थगित किया। इसके बाद शहर में यह चर्चा भी शुरू हो गई कि क्या वे इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे और उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस पर राजनीतिक हलचल
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर औरंगाबाद में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी के कारण राजनीतिक गतिविधियां भी चर्चा में रहीं। इससे पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से भी मराठवाड़ा के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन की घोषणा की गई थी।
इम्तियाज जलील की कार्यक्रम में मौजूदगी और अन्य नेताओं के साथ उनकी मुलाकात के वीडियो को लेकर अब शहर के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री से मुलाकात और ज्ञापन सौंपे जाने के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
