₹2,000 से ऊपर UPI लेनदेन पर शुल्क को लेकर सांसद तनुज पुनिया ने केंद्र सरकार को घेरा

बाराबंकी | नूर मोहम्मद अल्वी
बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया ने ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सीधा असर किसानों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों पर पड़ेगा तथा उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि खाद, बीज और कृषि से जुड़े लेनदेन में यदि ₹2,000 से अधिक का भुगतान होता है तो उस पर भी शुल्क लगाए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे किसान और व्यापारी दोनों खुद को मुश्किल स्थिति में पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों और किसानों को सबसे बड़ा डर आयकर विभाग से नोटिस आने का रहता है। ऐसे में 15 अक्टूबर 2026 से UPI लेनदेन पर शुल्क लागू करने का प्रावधान छोटे व्यापारियों, किसानों और आम आदमी पर जबरन आर्थिक भार डालने वाला है। ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने से छोटे दुकानदारों और कारोबारियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
सांसद पुनिया ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने लोकसभा में कई कानून और नियम पारित कराए हैं, जो उसकी कथनी और करनी को उजागर करते हैं। उन्होंने UPI शुल्क व्यवस्था को सरकार द्वारा बिछाया गया जाल बताते हुए कहा कि आने वाले समय में धीरे-धीरे समाज का हर तबका इसकी चपेट में आ सकता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पिछले वर्षों में जियो नेटवर्क के माध्यम से आम जनता को प्रलोभन दिया गया और आज गरीब से गरीब तथा हर तबके का व्यक्ति उसका इस्तेमाल कर रहा है, उसी प्रकार UPI शुल्क व्यवस्था में भी धीरे-धीरे हर वर्ग के लोग फंस सकते हैं।
तनुज पुनिया ने कहा कि UPI शुल्क से जुड़ा प्रावधान पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए, ताकि किसान, व्यापारी और आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लोकसभा में इसका विरोध करेगी और जब तक यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त नहीं की जाती, तब तक विरोध जारी रखा जाएगा।
उन्होंने छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका को देखते हुए MDR की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी शुल्क का बोझ अप्रत्यक्ष रूप से ग्राहकों पर न डाला जाए।
सांसद पुनिया ने UPI भुगतान पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने, छोटे व्यापारियों को पर्याप्त राहत देने और MDR की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने की मांग की।
— के.सी. श्रीवास्तव
प्रवक्ता, जिला कांग्रेस कमेटी, बाराबंकी
