औरंगाबाद: में 7 हजार रुपये में बनाया फर्जी खाद्य लाइसेंस, सरकारी लोगो का भी किया इस्तेमाल

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
राज्यभर में इन दिनों खाद्य पदार्थों और औषधियों को लेकर कार्रवाई का दौर जारी है। इसी बीच वडगांव कोल्हाटी स्थित एक होटल में फर्जी खाद्य लाइसेंस का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि होटल संचालक को महज 7 हजार रुपये लेकर फर्जी खाद्य लाइसेंस बनाकर दिया गया। फर्जी लाइसेंस तैयार करते समय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), दिल्ली और महाराष्ट्र राज्य औषधि प्रशासन के लोगो का भी कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। फर्जी लाइसेंस तैयार कर देने वाले व्यक्ति का नाम संतोष पोपट घाणेकर बताया गया है।
इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रशांत कुचेकर की शिकायत के अनुसार, औरंगाबाद अधिकार क्षेत्र के होटलों की जांच के दौरान वडगांव कोल्हाटी स्थित होटल योगीराज में खाद्य लाइसेंस की जांच की गई। जांच में लाइसेंस पर तालुका गंगापुर दर्ज पाया गया। इसके बाद होटल संचालक को गंगापुर की जगह औरंगाबाद तालुका दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
15 सितंबर को होटल की दोबारा जांच की गई। इस दौरान खाद्य लाइसेंस में तालुका का नाम बदलकर औरंगाबाद किया हुआ पाया गया।
वेबसाइट पर जांच के बाद सामने आया फर्जीवाड़ा
जांच अधिकारी प्रशांत कुचेकर ने FOSCOS यानी खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की वेबसाइट पर लाइसेंस की जानकारी की जांच की। वेबसाइट पर संबंधित लाइसेंस में अब भी गंगापुर तालुका ही दर्ज था। इसके बाद होटल मालिक से पूछताछ की गई।
7 हजार रुपये लेकर पुराने लाइसेंस में किया बदलाव
पूछताछ में होटल मालिक नानासाहेब रावसाहेब गलांडे ने कथित तौर पर बताया कि संतोष पोपट घाणेकर ने उनसे कुल 7 हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के समक्ष कोई आवेदन प्रस्तुत किए बिना पुराने लाइसेंस को कंप्यूटर पर एडिट किया गया और उसमें गंगापुर शब्द हटाकर औरंगाबाद तालुका कर दिया गया। शिकायत में इसे शासन के साथ धोखाधड़ी बताया गया है।
गुन्हा दाखल, जांच जारी
प्रशांत कुचेकर की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संतोष पोपट घाणेकर ने FSSAI और महाराष्ट्र राज्य औषधि प्रशासन के लोगो का इस्तेमाल कर कितने लोगों को इस तरह के फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर दिए हैं। मामले की आगे जांच जारी है।
