मंत्री संजय शिरसाट के बेटे सिद्धांत पर लगे गंभीर आरोप महिला ने लिए वापस, कहा- “यह हमारा निजी मामला है, कोई दबाव नहीं”

औरंगाबाद: महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री और औरंगाबाद के पालकमंत्री संजय शिरसाट के बेटे सिद्धांत शिरसाट पर एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने सोमवार को राज्य की सियासत गर्मा दी थी। लेकिन अब उसी महिला ने इन आरोपों को वापस लेते हुए इसे “घरेलू मामला” बताया है और कहा है कि इस पर कोई राजनीति न की जाए।
महिला ने स्पष्ट किया, “मैं मंत्री संजय शिरसाट का सम्मान करती हूं। सिद्धांत शिरसाट पर लगाए गए सभी आरोप वापस लेती हूं। यह हमारा निजी मामला है और इस पर कोई भी राजनीतिक फायदा न उठाए। मुझ पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं है। अगर किसी ने मेरे नाम पर राजनीति की तो मैं कानूनी कार्रवाई करूंगी।”
महिला का कहना है कि मंत्री संजय शिरसाट ने उन्हें कभी फोन नहीं किया और न ही परेशान किया। इसी के साथ उन्होंने इस पूरे प्रकरण को खत्म करने की बात कही।
क्या था मामला?
महिला के वकील एडवोकेट चंद्रकांत ठोंबरे द्वारा भेजी गई लीगल नोटिस में यह दावा किया गया था कि महिला और सिद्धांत की पहचान 2018 में सोशल मीडिया के ज़रिए हुई थी। इसके बाद संबंध बढ़ते गए और जनवरी 2022 में दोनों ने बौद्ध रीतियों से मुंबई के चेंबूर स्थित फ्लैट में विवाह किया। नोटिस में आरोप था कि सिद्धांत ने महिला को ब्लैकमेल कर शादी के लिए मजबूर किया और शादी के बाद भी महिला को अपने पैतृक घर नहीं ले गए।
महिला के गर्भवती होने के बाद, सिद्धांत ने कथित रूप से जबरन गर्भपात करवा दिया और फिर उनसे दूरी बना ली। 20 दिसंबर 2024 को महिला ने मुंबई के शाहूनगर पुलिस थाने में शिकायत दी थी, लेकिन नोटिस के मुताबिक, राजनीतिक दबाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विपक्ष ने साधा निशाना
इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया था। ठाकरे गुट की नेत्री सुषमा अंधारे ने कहा, “अगर जनप्रतिनिधि सत्ता और संपत्ति के दम पर बेटियों पर हाथ डालते हैं, तो यह बेहद शर्मनाक है। क्या शिरसाट के खिलाफ भी वैसी ही सख्ती दिखाई जाएगी जैसी संजय राठौड़ के मामले में दिखाई गई थी?”
विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा, “अगर किसी महिला के साथ अन्याय हुआ है और उसने शिकायत की है, तो पुलिस को उस पर कार्रवाई करनी चाहिए।”
AIMIM नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने महिला आयोग से दखल देने की मांग करते हुए कहा, “सिद्धांत ने तीसरी शादी की है और अब उस महिला को धमकाया जा रहा है। महिला मुंबई में ही रहती है, उसे इंसाफ दिया जाए।”
फिलहाल महिला द्वारा आरोप वापस लेने के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को अभी भी जीवित रखने की कोशिश में लगा है।
