जालना महानगरपालिका की जब्ती की कार्रवाई; 71 लाख 45 हजार की वसूली, दो संपत्तियों को सील

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर महानगरपालिका ने संपत्ति कर के बकायेदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जब्ती अभियान शुरू किया है। इस अभियान के पहले ही दिन शहर से 71 लाख 45 हजार रुपये का राजस्व वसूल किया गया। बार-बार नोटिस देने के बावजूद कर का भुगतान नहीं करने वाले दो उद्योगों की संपत्तियों को शुक्रवार को सीधे ताला लगाकर सील कर दिया गया।
मुख्य कार्रवाई और जब्ती
महानगरपालिका की विशेष टीम ने आज नई एम.आई.डी.सी. और नई मोढा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान नई एम.आई.डी.सी. क्षेत्र की बालाजी इंडस्ट्रीज और साई बॉटलिंग इन दो कंपनियों पर कुल 5 लाख 30 हजार 206 रुपये की बकाया राशि होने के कारण उनकी संपत्तियों को सील कर दिया गया।
प्रशासन की चेतावनी
यह कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त आशिमा मित्तल के आदेश पर तथा अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम के मार्गदर्शन में की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब रोजाना बकायेदारों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही:
बड़े बकायेदारों के नाम समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाएंगे।
बकाया राशि पर अतिरिक्त ब्याज और दंड भी लगाया जाएगा।
सहयोग करने वाले करदाता
जब्ती की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही कई बड़ी संस्थाओं ने कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत कर का भुगतान किया। इनमें प्रमुख रूप से निम्न नाम शामिल हैं:
नई एम.आई.डी.सी. क्षेत्र: गोलाद, भाग्यलक्ष्मी रोलिंग मिल प्रा. लि., आदिनाथ कनिष्ठ, गीताई इंडस्ट्रीज, कालिका स्टील और सम्राट गैस।
नई मोढा क्षेत्र: सुंदरलाल सावजी को-ऑप बैंक, जालना मर्चेंट को-ऑप बैंक, मुनीम लाइन के पिराजी रेटेवाड, डी. पवार और मगर।
अभियान में शामिल अधिकारी
इस सफल अभियान में टीम प्रमुख एवं उपायुक्त त्र्यंबक कांबळे और नंदा गायकवाड, सहायक आयुक्त एवं सहायक टीम प्रमुख विजय फुलंब्रीकर, कर अधिकारी राहुल देशमुख, शहर अभियंता सय्यद सऊद, राजेश कुरलिये, अजय पेंबारती, साथ ही कर निरीक्षक सुधीर डहाळे, अमृत जैस्वाल तथा वसूली लिपिक विनोद कुरील, विकास जैस्वाल सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि कड़ी कार्रवाई से बचने के लिए सभी संपत्ति धारक अपना बकाया कर जल्द से जल्द जमा करें और शहर के विकास कार्यों में सहयोग दें।
