औरंगाबाद में दोहराया गया संतोष देशमुख हत्याकांड, पूर्व सरपंच की धारदार हथियार से निर्मम हत्या

औरंगाबाद: कुछ दिन पहले बीड जिले के केज तालुका स्थित मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की क्रूर हत्या से पूरा महाराष्ट्र दहल उठा था। 2 करोड़ की फिरौती के विवाद में अपहरण कर उन्हें बेरहमी से पीटा गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब औरंगाबाद जिले में उसी तरह की एक और सनसनीखेज घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
यहां कन्नड़ तालुका के शिरसगांव गांव में तीन लोगों ने मिलकर पूर्व सरपंच राजाराम उर्फ राजू चुंगडे की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। फिल्मी अंदाज़ में, तीन अलग-अलग दुश्मन एक हो गए और एक साथ मिलकर राजाराम की हत्या कर दी।
पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमर राजपूत, समीर कुरेशी और इरफान शकील शाह का नाम सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तीनों का राजाराम चुंगडे से किसी न किसी कारण से पुराना विवाद चल रहा था।
जानकारी के मुताबिक, मृतक राजाराम चुंगडे और इरफान के बीच कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद था। समीर से अॅट्रोसिटी केस में मदद करने को लेकर अनबन थी, जबकि अमर राजपूत को चुंगडे ने एक साल पहले एक महिला के साथ अवैध संबंध के मामले में पीटा था।
घटना वाले दिन राजाराम चुंगडे सुबह 9:30 बजे नवनाथ पवार के साथ गट क्रमांक 28 के खेत में गए थे। सुबह 11 बजे मजदूरों को काम बताने के बाद वह खेत के घर के पास बैठे थे, तभी एक महिला और दो पुरुष बाइक पर आए और उन्होंने धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए। राजाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। नवनाथ पवार ने उन्हें बचाने की कोशिश की और खेत के पास काम कर रहे रफिक शकील शाह ने गांव में जाकर लोगों को सूचना दी।
राजाराम को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच तेज़ कर दी है और तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है।
