भोपाल में मुसलमानों का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन, सीमा पर जाने की मांगी अनुमति

भोपाल। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। इस हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं को पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई के लिए खुली छूट दे दी है। इसी क्रम में भोपाल के मुसलमानों ने भी कड़ा विरोध दर्ज करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और सीमा पर भेजे जाने की अनुमति मांगी।
पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, झंडा कुचला
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोग पाकिस्तान विरोधी पोस्टर और बैनर लेकर राजधानी की सड़कों पर उतरे। कलेक्ट्रेट के बाहर “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के जोरदार नारे लगे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान का झंडा पैरों तले रौंदा और देश से गद्दारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, सीमा पर जाने की इच्छा जताई
प्रदर्शनकारियों ने भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए अपने नाम और मोबाइल नंबर भी दिए, साथ ही कहा कि अगर देश को जरूरत पड़े तो भोपाल के मुसलमानों को सबसे पहले सीमा पर भेजा जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारत का मुसलमान पाकिस्तान की इस कायराना हरकत से बेहद आहत और आक्रोशित है।
“क़यामत से पहले पाकिस्तान में आएगी क़यामत”
एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम पाकिस्तान की छाती चीर कर 26 लोगों की हत्या का बदला लेंगे। प्रधानमंत्री ने सेना को छूट दी है, हम भी तैयार हैं। पाकिस्तान में अब क़यामत से पहले ही क़यामत आएगी।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भोपाल का मुसलमान मैदान में उतर आया तो पाकिस्तान को नेस्तनाबूद कर देगा।
एकजुटता का संदेश, आतंकवाद के खिलाफ भारत का मुसलमान साथ
इस प्रदर्शन ने यह साफ किया कि भारत का मुसलमान देश के साथ खड़ा है और आतंकवाद को किसी भी धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह विरोध सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ किए गए अपराध के खिलाफ था।
