औरंगाबाद में खूंखार कुत्तों का आतंक! गलियों में डर का माहौल, मनपा लापरवाह — काटने की घटना पर तुरंत बरतें ये जरूरी सावधानियां

औरंगाबाद: शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ चुका है कि लोग अब सड़कों पर निकलते समय डरने लगे हैं। गलियां, मोहल्ले, बाजार — हर जगह कुत्तों के झुंड घूमते नजर आते हैं। मनपा प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह संकट और गहराता जा रहा है। लोग अब प्रशासन से उम्मीद छोड़ चुके हैं और खुद ही अपनी सुरक्षा के उपाय करने में जुटे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
देशभर में बढ़ते डॉग अटैक मामलों पर सुप्रीम कोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है। कोर्ट ने इस स्थिति को “बेहद डरावना और चिंताजनक” बताते हुए गंभीर चिंता जाहिर की है। भारत में हर साल औसतन 37 लाख से ज्यादा डॉग बाइट केस सामने आते हैं, जिनमें से अधिकतर स्ट्रीट डॉग्स द्वारा होते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा
छोटे बच्चों की हाइट कम होने के कारण उनके सिर और चेहरे पर हमला होता है, जिससे रेबीज का संक्रमण तेजी से नसों तक पहुंच सकता है। यही कारण है कि बच्चों के लिए यह खतरा जानलेवा साबित हो सकता है।
यदि किसी को कुत्ता काट ले तो तुरंत इन बातों का ध्यान रखें:
- घाव को तुरंत धोएं:
कम से कम 15-20 मिनट तक घाव को साफ और बहते पानी से धोएं। यह 99% संक्रमण रोक सकता है। - एंटीसेप्टिक लगाएं:
डेटॉल, पोटाश या किसी भी अच्छे एंटीसेप्टिक से घाव को साफ करें। - पहली वैक्सीन उसी दिन लगवाएं:
कुत्ते के काटते ही उसी दिन Anti-Rabies Vaccine (ARV) की पहली डोज लगवाना जरूरी है। - गहरा घाव हो तो Immunoglobulin इंजेक्शन लें:
डॉक्टर की सलाह पर HRIG या ERIG इंजेक्शन लिया जा सकता है। - कुत्ते पर नज़र रखें (यदि संभव हो):
यदि वह पालतू है, तो 10 दिन तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखें। पागल कुत्ता 10 दिन से ज्यादा जीवित नहीं रहता।
मनपा पर सवाल, जनता में आक्रोश
मनपा को लगातार शिकायतें देने के बावजूद कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए हैं। सड़क पर पैदल चलने वाले, साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों पर आए दिन हमले हो रहे हैं। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, क्या तब तक प्रशासन यूं ही चुप रहेगा?
अब समय है कि प्रशासन इस गंभीर संकट पर तुरंत कार्रवाई करे, और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। जब तक ऐसा नहीं होता, लोगों को स्वयं सतर्क और सावधान रहना होगा।
