‘वॉइस ऑफ मुकेश’ बाबला मेहता नहीं रहे, संगीत जगत में शोक की लहर

हिंदी सिनेमा और भक्ति संगीत की दुनिया से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। मशहूर गायक और संगीतकार बाबला मेहता का 22 जुलाई को निधन हो गया। यह वही तारीख है जब उनके आदर्श और सबसे प्रिय गायक मुकेश का जन्मदिन होता है। संगीत प्रेमियों के लिए यह संयोग बेहद भावनात्मक बन गया।
बाबला मेहता: दिल को छू जाने वाली आवाज
बाबला मेहता को बॉलीवुड में ‘वॉइस ऑफ मुकेश’ के नाम से जाना जाता था। उनकी आवाज में वही दर्द, मिठास और गहराई थी जो मुकेश के गीतों की पहचान थी। बाबला मेहता ने न सिर्फ फिल्मी गीतों से बल्कि भक्ति संगीत के माध्यम से भी लाखों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।
250 से ज्यादा फिल्मों में दी आवाज
अपने करियर में बाबला मेहता ने 250 से अधिक फिल्मों में गाने गाए। फिल्म चांदनी के मशहूर गीत ‘तेरे मेरे होंठों पे’ में उनकी जादुई आवाज सुनने को मिली थी। इसके अलावा सड़क, दिल है कि मानता नहीं, बेटा, तहलका जैसी हिट फिल्मों में भी उन्होंने अपनी सुरीली आवाज दी।
भक्ति संगीत का समर्पित चेहरा
फिल्मी गानों के अलावा उन्होंने राम चरित मानस, सुंदरकांड, ‘जय श्री हनुमान’ और ‘ममता के मंदिर’ जैसे भक्ति एल्बम्स के माध्यम से करोड़ों भक्तों से गहरा जुड़ाव बनाया। उनकी भक्ति में डूबी आवाज आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा बनी हुई है।
देश-विदेश में बनाई अलग पहचान
बाबला मेहता ने भारत के अलावा अमेरिका, यूके, कनाडा जैसे देशों में भी अपने लाइव शोज़ के जरिए संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। उनके कार्यक्रमों में पुराने दौर की मधुरता और आधुनिक भावनाओं का सुंदर संगम देखने को मिलता था।
संगीत जगत में शोक की लहर
उनके निधन से पूरे बॉलीवुड और संगीत समुदाय में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर प्रशंसक, साथी कलाकार और संगीतप्रेमी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। सभी की एक ही भावना है – बाबला मेहता चले गए, लेकिन उनकी आवाज अमर है।
उनके गाए गीत और भक्ति संगीत हमेशा उन्हें हमारे बीच जीवित रखेंगे।
