मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ीं, कांग्रेस नेत्री ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट

दिल्ली: मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह की कानूनी परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब कांग्रेस नेत्री जया ठाकुर ने उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है, जिसमें विजय शाह द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को स्वीकार न करने की मांग की गई है। यह याचिका उनके विवादास्पद बयान को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।
कांग्रेस नेत्री जया ठाकुर की ओर से दाखिल कैविएट में कहा गया है कि मंत्री विजय शाह का बयान मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है और उन्होंने भारतीय संविधान का अपमान किया है। इस बयान को लेकर पहले ही जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
मामला इंदौर के महू के रायकुंडा गांव का है, जहां एक कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “पाकिस्तानियों ने हमारे देश के लोगों के कपड़े उतारे, लेकिन हमने उनकी समाज की बहन (कर्नल सोफिया कुरैशी) को भेजकर उनकी ऐसी तैसी करवा दी।” मंत्री का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी आलोचना का कारण बना।
बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई और कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भारतीय न्याय संहिता के तहत उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद इंदौर के महू थाना क्षेत्र के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196(1)(b) और 197(1)(c) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
मंत्री विजय शाह ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें फटकार लगाते हुए FIR पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता पहले हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। अदालत ने कहा कि 24 घंटे में कुछ नहीं होगा, हम कल इस पर सुनवाई करेंगे।
इस पूरे मामले की सुनवाई जबलपुर हाईकोर्ट में भी जारी है और अब सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेत्री की कैविएट से मंत्री विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
