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गुजरात में बड़ा टॉयलेट घोटाला उजागर, भरूच में 2 करोड़ रुपये की सरकारी सब्सिडी हड़पने का आरोप

भरूच (गुजरात): राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों की बाढ़ सी आ गई है। भरूच जिले में अभी हाल ही में सामने आए 7.3 करोड़ रुपये के नरेगा घोटाले की आंच ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब एक 2 करोड़ रुपये के टॉयलेट घोटाले ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घोटाला घर-घर में शौचालय निर्माण योजना के तहत सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेज और मृत या अनजान लोगों के नाम पर शौचालय बनवाने के नाम पर सब्सिडी ली गई।

RTI से हुआ बड़ा खुलासा

इस घोटाले का पर्दाफाश एक रिटायर्ड शिक्षक प्रवीण मोदी ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से किया। मोदी के अनुसार, अंकलेश्वर नगरपालिका से विवाह प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए दिए गए दस्तावेजों का दुरुपयोग, टॉयलेट सब्सिडी के लिए किया गया। कई लाभार्थियों ने जब पूछे जाने पर बताया कि उन्होंने तो किसी भी सरकारी योजना के लिए आवेदन ही नहीं किया था, तो पूरा मामला उजागर हुआ।

‘भूतिया’ शौचालयों से लूटा गया सरकारी पैसा

जानकारी के अनुसार यह घोटाला वर्ष 2014–2015 में हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल की शुरुआत हुई थी। गुजरात म्युनिसिपल फाइनेंस बोर्ड और अन्य योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये की सब्सिडी का गबन किया गया। 1906 शौचालयों के निर्माण का दावा किया गया, जिनमें से कई जमीनी हकीकत में कभी बने ही नहीं।

इन ट्रस्टों का नाम आया सामने

घोटाले में जिन संस्थाओं के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • आनंद कादी ग्रामोद्योग ट्रस्ट
  • नवचेतना विकास ट्रस्ट
  • कामदार कल्याण मंडल
  • महात्मा गांधी ग्राम निर्माण ट्रस्ट
  • वसुंधरा सार्वजनिक ट्रस्ट

इन एजेंसियों ने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सब्सिडी के लिए आवेदन किए। इनमें कई मामलों में बड़े बंगलों के मालिकों के नाम पर भी सरकारी लाभ लिया गया।

शिकायतें दर्ज, जांच की मांग

प्रवीण मोदी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, कलेक्टर, डीएसपी और सतर्कता विभाग से शिकायत की है और इस घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि इस गोरखधंधे में कम से कम 5 सरकारी एजेंसियां और अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

अब देखना यह है कि सरकार इस गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करती है, या यह घोटाला भी बाकी घोटालों की तरह फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।

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