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औरंगाबाद में 22 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, 25 रहस्यमयी कॉल से गहराया सस्पेंस

आत्महत्या से पहले दी कॉल ब्लॉक करने की चेतावनी, फिर आया 25 बार रहस्यमयी कॉल – क्या किसी ने निकिता को किया ब्लैकमेल?

औरंगाबाद:अहमदनगर जिले के वाळुंज पोही गांव की रहने वाली 22 वर्षीय निकिता रवींद्र पवार ने औरंगाबाद शहर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हाल ही में निकिता ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की थी और नौकरी के लिए औरंगाबाद आई थी। यहां वह अपनी दो सहेलियों के साथ किराए के मकान में रहती थी। घटना के दिन उसकी दोनों सहेलियां घर पर नहीं थीं और उसी दौरान निकिता ने यह खौफनाक कदम उठाया।

आत्महत्या से पहले निकिता ने एक भावुक सुसाइड नोट लिखा। उसमें उसने लिखा – “मम्मी, दादा, आजी, आजोबा, मुझे माफ कर दीजिए, मेरी वजह से आपको तकलीफ होगी।” इतना ही नहीं, निकिता ने आत्महत्या से पहले अपने परिजनों को फोन कर चेतावनी दी थी कि उनके मोबाइल पर एक कॉल आएगा, जिसे वे तुरंत ब्लॉक कर दें। फोन कटने के तुरंत बाद उसके परिजनों के नंबर पर 25 बार अज्ञात नंबर से कॉल आए, जिससे यह मामला और रहस्यमयी हो गया।

जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन शाम को पड़ोस में रहने वाली सहेलियां निकिता को खाने के लिए बुलाने उसके कमरे पर गईं। जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। उस समय निकिता फांसी पर लटकी हुई दिखाई दी। यह देखकर सहेलियों ने घबराकर तुरंत घरमालक को सूचना दी। स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से निकिता को घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सिडको पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जमादार तेलुरे कर रहे हैं।

निकिता की आत्महत्या से एक दिन पहले हुई परिजनों से बातचीत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उसके परिजनों का कहना है कि वह फोन पर बहुत घबराई हुई थी और उसी दौरान उसने उस रहस्यमयी कॉल का जिक्र किया था। आखिरकार वह कॉल किसका था? क्या कोई निकिता को ब्लैकमेल कर रहा था? या फिर किसी दबाव में उसने यह कदम उठाया?

पुलिस ने निकिता का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। पुलिस जांच से ही इस दर्दनाक आत्महत्या के पीछे की असली वजह और 25 कॉल का रहस्य सामने आने की उम्मीद है।

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