हरदोई में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरलोड ऑटो को मारी टक्कर, मां-बेटे समेत 7 की मौत

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां-बेटे समेत सात लोगों की मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर हरदलमऊ गांव के पास उस वक्त हुई, जब एक तेज रफ्तार चावल लदा ट्रक ओवरलोड ऑटो से टकरा गया। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में ऑटो चालक सहित छह सवार शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक जताया है।
तेज टक्कर से ऑटो की छत सड़क से जा मिली
कासिमपुर थाना क्षेत्र के बाजारखेड़ा निवासी रंजीत (27) ऑटो चलाता था और रोज की तरह गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे उन्नाव के बांगरमऊ से सवारियां लेकर संडीला जा रहा था। ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। हरदलमऊ गांव के पास अचानक सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो की छत सड़क से जा मिली।

मारे गए लोगों की पहचान
- रंजीत (27) – बाजारखेड़ा निवासी, ऑटो चालक
- निसार (35) – बनवा गांव निवासी, मुंबई से बीमार भाभी को देखने आ रहे थे
- अंकित (20) – बहदिन गांव निवासी, पंजाब से बहन की शादी के बाद लौट रहे थे
- अरविंद (19) – मलहनखेड़ा निवासी, लखनऊ काम की तलाश में जा रहे थे
- बिटान उर्फ पिंकी (30) – दतिगढ़ा निवासी
- फूलजहां (28) – बेहटा मुजावर, उन्नाव निवासी, मां को देखने संडीला जा रही थीं
- अयाज (3) – फूलजहां का पुत्र
गंभीर रूप से घायल
- सिराज (30) – फूलजहां के पति, लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती
- जुगनू (7) – पिंकी का पुत्र, अस्पताल में इलाज जारी
भागे चालक को किया गिरफ्तार
हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने उन्नाव जिले की सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसपी नीरज कुमार जादौन और सीओ सतेंद्र सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है। मृतकों के परिजनों से तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज की जा रही है।
चार मुख्य वजहें बनी हादसे का कारण
- अंधा मोड़ – दुर्घटनास्थल से 20 मीटर पहले बिना संकेतक के अंधा मोड़ है
- ओवरलोड ऑटो – चार सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में नौ लोग सवार थे
- तेज रफ्तार ट्रक – चावल लदा ट्रक काफी तेज गति में था
- चालक की लापरवाही – ट्रक चालक का नियंत्रण और सतर्कता की कमी
यह हादसा न केवल नियमों की अनदेखी का नतीजा है, बल्कि जिम्मेदार तंत्र और यात्रियों की लापरवाही की भी बड़ी बानगी है।
