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महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव का बिगुल जल्द! BMC अधिकारियों को 6 मई से तैयारी के निर्देश

महाराष्ट्र में लंबे समय से टल रहे स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया एक बार फिर रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को 6 मई को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दिन चुनाव संबंधी तैयारियों में शामिल होने का आदेश दिया गया है। साथ ही, सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर के पदों पर नियुक्त करने का निर्देश भी दिया गया है, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

स्थगित चुनावों के चलते प्रशासनिक शासन में नगर निकाय

मुंबई, पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ समेत राज्य की 23 नगरपालिकाएं पिछले काफी समय से प्रशासनिक शासन के अधीन हैं। राज्य में कुल 29 नगरपालिकाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। 243 नगर परिषदों में से 228 का कार्यकाल खत्म हो चुका है, जबकि 142 नगर पंचायतों में से 29 की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसी तरह, 34 जिला परिषदों में से 26 और 351 पंचायत समितियों में से 289 का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है।

ओबीसी आरक्षण बना चुनाव टलने की वजह

स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जो चुनावों में देरी का प्रमुख कारण बना हुआ है। राज्य सरकार ने न्यायालय में याचिका दायर कर यह अनुरोध किया है कि चुनाव कराने की अनुमति दी जाए, चाहे आरक्षण हो या न हो। राजनीतिक दलों का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

चुनाव पर निर्भर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

सभी राजनीतिक दल स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर अलर्ट हैं। राज्य में लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों की चर्चा तेज हो गई है। 6 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इन चुनावों के भविष्य को लेकर निर्णायक साबित हो सकती है।

चुनावी प्रक्रिया के प्रति बढ़ती सक्रियता

राज्य सरकार की तरफ से आदेश मिलने के बाद चुनावी तैयारियों में तेजी आ गई है। इससे संकेत मिल रहा है कि महाराष्ट्र में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।

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