PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक AI वीडियो पोस्ट करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, देशद्रोह का मामला दर्ज

ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की टिप्पणी से उपजा विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में हरियाणा के फतेहाबाद से एक डॉक्टर की गिरफ्तारी ने नया बवाल खड़ा कर दिया है।
AI से बनाए गए वीडियो, देशद्रोह का केस
जानकारी के मुताबिक, फतेहाबाद निवासी डॉ. मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद ने 14 मई को अपने फेसबुक अकाउंट से तीन एडिटेड वीडियो शेयर किए थे। इनमें प्रधानमंत्री मोदी को पाकिस्तान पर हमला करने की गलती मानते हुए दिखाया गया, एक अन्य वीडियो में उन्हें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ मुठभेड़ करते और एक में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गोद में बैठे बच्चे के रूप में दर्शाया गया था। बताया जा रहा है कि ये सभी वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किए गए थे।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं—जगदीश राय शर्मा (जिला उपाध्यक्ष), विकास शर्मा (मंडल अध्यक्ष) और परमजीत बेनीवाल (मंडल उपाध्यक्ष)—ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद डॉक्टर को बीते शनिवार को गिरफ्तार किया गया।
रिमांड की तैयारी में पुलिस
सोमवार को आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका पर फतेहाबाद कोर्ट में सुनवाई हुई। अब पुलिस मंगलवार को हिसार जेल से डॉक्टर को प्रोडक्शन वारंट पर CJM सूयशा जावा की अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी। पुलिस डॉक्टर से पूछताछ के अलावा उसके बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की भी जांच करेगी, ताकि किसी बाहरी संपर्क या फंडिंग की जानकारी जुटाई जा सके।
14 दिन की न्यायिक हिरासत
शिकायत मिलने के बाद पहले डॉक्टर के खिलाफ धारा 197 (1) डी के तहत केस दर्ज किया गया था। बाद में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देश पर इसमें देशद्रोह और धारा 152 जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ी गईं। गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया है।
इस पूरे मामले ने न केवल सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी है, बल्कि AI आधारित कंटेंट को लेकर सरकार और कानून व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।
