अगस्त से UPI में नए नियम लागू: बैलेंस चेक की सीमा तय, ऑटोपे मेंडेट पीक आवर्स में नहीं होंगे प्रोसेस

नई दिल्ली: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई (UPI) सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 21 मई 2025 को जारी सर्कुलर के अनुसार, सभी बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को 10 सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले UPI API पर सख्त निगरानी और नियंत्रण लागू करना अनिवार्य होगा। ये नए नियम 1 अगस्त 2025 से प्रभावी होंगे।
एक दिन में सिर्फ 50 बार ही कर सकेंगे बैलेंस चेक
NPCI के मुताबिक, अब UPI यूजर्स अपने खाते का बैलेंस एक दिन में अधिकतम 50 बार ही चेक कर सकेंगे। यह सीमा प्रत्येक ऐप के लिए लागू होगी, यानी अगर ग्राहक PhonePe और Paytm दोनों का उपयोग करता है, तो दोनों पर अलग-अलग 50 बार बैलेंस चेक किया जा सकता है। बार-बार बैलेंस चेक करने से यूपीआई के सर्वर पर भारी लोड पड़ता है, जिससे सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
ऑटोपे मेंडेट अब केवल नॉन-पीक ऑवर्स में ही होंगे प्रोसेस
UPI के जरिए किए गए ऑटोपे मेंडेट (जैसे Netflix सब्सक्रिप्शन, SIP भुगतान आदि) अब सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे और शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे तक के पीक टाइम में प्रोसेस नहीं किए जाएंगे। इन पीक ऑवर्स में सिस्टम-जनरेटेड API को सीमित या बंद रखा जाएगा ताकि ट्रांजेक्शन लोड को संतुलित किया जा सके।
हर ट्रांजेक्शन के साथ मिलेगा बैलेंस अलर्ट
NPCI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि अब प्रत्येक ट्रांजेक्शन के बाद ग्राहक को उसके खाते का शेष बैलेंस भी सूचित किया जाए। साथ ही, पीक ऑवर्स में बार-बार बैलेंस चेक करने से रोकने के लिए UPI एप्स में विशेष तकनीकी उपाय करने होंगे।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
सर्कुलर में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो बैंक या PSP इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसमें API को ब्लॉक करना, आर्थिक दंड लगाना, या नए ग्राहकों का ऑनबोर्डिंग रोकना शामिल हो सकता है। सभी PSP को 31 अगस्त 2025 तक एक अंडरटेकिंग NPCI को जमा करनी होगी जिसमें वे इन नियमों के पालन का वचन देंगे।
यूजर्स को मिलेगा रियल टाइम बैलेंस अपडेट
NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राहकों को उनके खाते की रियल टाइम और सटीक बैलेंस जानकारी मिलती रहेगी। इससे बार-बार बैलेंस चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और UPI नेटवर्क की स्थिरता बनी रहेगी।
इन नए निर्देशों का उद्देश्य UPI प्रणाली की विश्वसनीयता, गति और स्थिरता को बनाए रखना है, जिससे करोड़ों यूजर्स को निर्बाध डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलती रहे।
