‘लाडकी बहन’ योजना की विज्ञापन राशि में भ्रष्टाचार का आरोप, रोहित पवार का सरकार पर हमला

मुंबई: महाराष्ट्र में लाडकी बहन योजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और विधायक रोहित पवार ने योजना के विज्ञापन कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि “देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार दलाली की दलदल में इतनी बुरी तरह फंसी है कि अब लाडकी बहन जैसी संवेदनशील योजना भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं रही।”
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि जब योजना के प्रचार-प्रसार का काम राज्य के ‘माहिती व जनसंपर्क विभाग’ को सौंपा गया था, तो फिर महिला व बालविकास विभाग ने अलग से वही कार्य दोबारा क्यों सौंपा? उन्होंने दावा किया कि 15 अगस्त 2024 को योजना के विज्ञापनों के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च करने का आदेश जारी किया गया था, जबकि 5 फरवरी 2025 को महिला व बालविकास विभाग ने इसी योजना के प्रचार के लिए 3 करोड़ रुपये का नया सरकारी आदेश (जीआर) निकाला।
पवार ने आरोप लगाया कि नवंबर 2023 में जिन संस्थाओं को काम देने का स्पष्ट निर्णय लिया गया था, उनकी जगह अन्य कंपनियों को काम सौंपा गया। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन कंपनियों को ठेके दिए गए हैं, वे किसकी हैं, और किससे संबंधित हैं? जब सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं ने इन कंपनियों की जानकारी मांगी, तो महिला बालविकास विभाग ने जानकारी छिपाने का प्रयास किया।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि योजना को लागू करने में प्रशासन से कई स्तरों पर चूक हुई है, जिससे कई अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला, यहां तक कि 14,000 पुरुषों को भी योजना का लाभ दे दिया गया।
अब रोहित पवार द्वारा लगाए गए विज्ञापन घोटाले के आरोपों से यह मुद्दा और गर्मा गया है। उन्होंने मांग की है कि सरकार तत्काल इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरते और यह स्पष्ट करे कि किन कंपनियों को काम दिए गए हैं, और कहीं इन कंपनियों का किसी राजनेता या प्रभावशाली व्यक्ति से संबंध तो नहीं है।
राजनीतिक हलकों में यह बयान हलचल मचा रहा है और आनेवाली विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में इस मुद्दे का खासा असर पड़ सकता है।
