अहमदनगर में दिल दहला देने वाली घटना: 5 लाख के दहेज के दबाव में मां ने दो मासूमों संग कुएं में कूदकर दी जान

अहमदनगर ज़िले के नायगांव (ता. आमखेड) में दहेज उत्पीड़न का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां 25 वर्षीय रूपाली नाना उगले ने अपने दो मासूम बच्चों—6 वर्षीय बेटे समर्थ और 4 वर्षीय बेटी साक्षी—के साथ आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार (8 अगस्त) शाम करीब साढ़े 5 बजे हुई, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पांच लाख रुपये की लगातार मांग
मृतका के पिता शिवाजी श्रीरंग सकुंडे (निवासी—राळेसांगवी, ता. भूम, जि. उस्मानाबाद) ने खर्डा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति नाना प्रकाश उगले, ससुर प्रकाश पंढरीनाथ उगले, ननद मनीषा शिवाजी टाळके और उनके पति शिवाजी गोरख टाळके के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
शिकायत के मुताबिक, शादी के डेढ़ साल बाद से ही रूपाली पर मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न शुरू हो गया था। पहले पति नाना उगले ने दो लाख रुपये की मांग की थी, जो रूपाली के पिता ने पूरी की। लेकिन इसके बाद भी उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। ससुराल वालों ने घर बनाने और कुआं खोदने के लिए मायके से 5 लाख रुपये लाने का लगातार दबाव बनाया।
निराशा में उठाया दर्दनाक कदम
लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान रूपाली ने शुक्रवार शाम को अपने दोनों मासूम बच्चों के साथ गांव के कुएं में कूदकर जान दे दी। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है और समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ फिर से गुस्सा उभर आया है।
पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। दहेज के कारण एक बार फिर तीन निर्दोष जिंदगियां समय से पहले खत्म हो गईं।
