“चुनाव आयोग मोदी सरकार की कठपुतली, एसआईआर असंवैधानिक साजिश” – कपिल सिब्बल का बड़ा हमला

नई दिल्ली: बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इसी बीच राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “चुनाव आयोग अब सरकार के हाथों की कठपुतली बन गया है”।
सिब्बल ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह असंवैधानिक बताया और दावा किया कि इसका उद्देश्य गरीबों, आदिवासियों और हाशिये पर पड़े वर्गों के वोट काटकर बहुसंख्यकवादी सरकार को सत्ता में बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि आयोग को नागरिकता पर फैसला लेने का अधिकार नहीं है, और यह सत्ता के लिए लोकतंत्र से खिलवाड़ है।
उन्होंने महाराष्ट्र के चुनावों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया और पूछा कि केवल भाजपा-विजयी क्षेत्रों में ही मतदाताओं की संख्या कैसे अचानक बढ़ गई? सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन उम्मीद जताई कि आयोग अदालत की बात मानेगा।
यह हमला विपक्षी दलों को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का एक और मौका दे रहा है और 2024 के बाद के चुनावों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रहा है।
