जालना के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में तेगबीर सिंह संधू ने संभाला पदभार!
जनता की सेवा के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह करेंगे; मालेगांव के बाद अब जालना में ‘संधू पैटर्न’ पर सबकी नजर

जालना/कादरी हुसैन
दिनांक 3 (रविवार) को दोपहर दो बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालना जिले के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक तेगबीर सिंह संधू ने आज रविवार को दोपहर करीब एक बजे आधिकारिक रूप से अपना पदभार संभाल लिया। निवर्तमान पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल ने संधू को जालना की जिम्मेदारी सौंपी। बंसल का तबादला पुलिस अधीक्षक, साइबर सुरक्षा विभाग के पद पर हुआ है और आज उन्हें पुलिस विभाग की ओर से विदाई दी गई।
पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तेगबीर सिंह संधू ने जालना की जनता को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा, “जालना के नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा देने के लिए मैं हमेशा तत्पर रहूंगा। नागरिकों की सुरक्षा और सेवा के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह करने के लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं।” मालेगांव में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुके संधू के अनुभव का जालना को कितना लाभ मिलता है, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
हालांकि, नए पुलिस अधीक्षक के सामने चुनौतियों का बड़ा पहाड़ खड़ा है। जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को फिर से पटरी पर लाना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। पिछले कुछ समय से जिले में कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे गंभीर रूप ले चुके हैं।
जिले में अवैध धंधों का बोलबाला बढ़ गया है। रेत माफिया, गुटखा माफिया और जुआ-मटका जैसे अवैध कारोबार तेजी से फैल रहे हैं।
अपराधों में भी काफी वृद्धि हुई है। अवैध गांजा बिक्री, देशी और विदेशी शराब की गैरकानूनी बिक्री, मारपीट और हत्या जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है।
शहर में यातायात जाम की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। जालना शहर के प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक आम नागरिकों के लिए रोज की परेशानी बन गए हैं।
जालना शहर सहित पूरे जिले में अपराधियों पर नियंत्रण स्थापित करना और पुलिस की छवि सुधारना, संधू के सामने प्रमुख लक्ष्य होगा। कड़े अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले संधू इन अवैध गतिविधियों पर कैसे लगाम लगाते हैं और जालना में फिर से कानून का राज कैसे स्थापित करते हैं, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।