कन्नड़ शहर में आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग – शिवसेना का नगर परिषद को चेतावनी पत्र
प्रतिनिधि: अशरफ़ अली

कन्नड़– कन्नड़ नगरपालिका सीमा में आवारा पशुओं का आतंक बढ़ गया है। ये खुलेआम सड़कों पर घूमते नजर आते हैं और कई बार बीच सड़क पर बैठ जाने से यातायात में भारी बाधा उत्पन्न होती है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि छोटे-बड़े हादसे भी हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन से इन मवेशियों को चोट लग जाए, तो आसपास के लोग तुरंत दावा करते हैं कि यह गाय उनकी है और मुआवजे की मांग करते हैं, जबकि वास्तव में इन जानवरों से उनका कोई संबंध नहीं होता। दिनभर ये मवेशी मुख्य बाजार, कॉलोनियों के अंदर और व्यस्त सड़कों पर बैठे रहते हैं। खासतौर पर चाळीसगांव-कन्नड़ रोड, पीशोर नाका, अण्णाभाऊ साठे चौक, माळीवाडा, सिद्दिकी चौक, बस स्टैंड रोड, तहसील ऑफिस रोड और हिवरखेड रोड पर इनकी वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
शिवसेना ने इस समस्या पर कन्नड़ नगर परिषद को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में हिवरखेड रोड के नागरी वसाहत क्षेत्र में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक प्रभाकर नागोराव कापुरे को एक गाय ने टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
शिवसेना का आरोप है कि जब उनके पदाधिकारी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, तब मुख्याधिकारी या उपमुख्य अधिकारी मौजूद नहीं थे, इसलिए ज्ञापन प्रशांत देशपांडे को सौंपा गया। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर आवारा पशुओं पर स्थायी रूप से नियंत्रण नहीं किया गया, तो शिवसैनिक नगरपालिका कार्यालय में ही आवारा पशु छोड़कर अनोखा आंदोलन करेंगे।
इस ज्ञापन पर कन्नड़ नगरपालिके के पूर्व उपनगराध्यक्ष एवं शिवसेना के पूर्व शहर प्रमुख डॉ. सदाशिव पाटील, पूर्व नगरसेवक संतोष पवार, विभाग प्रमुख प्रकाश काचोळे, लक्ष्मीकांत सुरे, रशीद शेख, हर्षवर्धन राठोड़, आतिफ शेख, शाहरुख पठान, सलमान शेख, प्रदीप बोडके, श्रीराम घुगे सहित कई शिवसैनिकों और नागरिकों के हस्ताक्षर हैं।
