पालकमंत्री पंकजा मुंडे का ऐलान: “मराठवाड़ा की सामाजिक एकता की डोर कभी टूटने नहीं देंगे”

जालना/कादरी हुसैन
महाराष्ट्र की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा पशुपालन मंत्री और जालना जिले की पालकमंत्री पंकजा ताई मुंडे ने मराठवाड़ा मुक्तिसंग्राम दिवस पर एकता और संघर्ष का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “मराठवाड़ा संतों की पावन भूमि है। संत विचारधारा से ही हमने मानवता को दिशा दी है। स्वतंत्रता संग्राम में मराठवाड़ा का योगदान अमूल्य रहा है और अब समय है कि हम वंचितों और आम जनता की आवाज़ बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ें।”

सामाजिक एकता पर पंकजा मुंडे का संकल्प
पालकमंत्री पंकजा मुंडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मराठवाड़ा की सामाजिक एकता को कभी टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने गारंटी दी कि चाहे कितनी भी चुनौतियां आएं, समाज की एकजुटता और भाईचारा कायम रहेगा।
वंचितों और सामान्य जनों की लड़ाई जारी रहेगी
उन्होंने कहा कि आज़ादी केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक निरंतर संघर्ष है। इस संघर्ष में वंचित समाज और आम जनता की आवाज़ को बुलंद करना ही हमारा कर्तव्य है।
मराठवाड़ा संतों की विरासत से प्रेरणा
पंकजा मुंडे ने संत परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि संतों की विचारधारा से हमें मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश मिलता है। यही विचारधारा हमें समाज को जोड़कर रखने की शक्ति देती है।
अंत में उन्होंने मराठवाड़ा की जनता से आह्वान किया कि सभी लोग एकजुट होकर विकास, भाईचारे और सामाजिक न्याय की राह पर साथ चलें, क्योंकि यही इस क्षेत्र की असली ताकत है।
