“आई लव मोहम्मद” नारों और पोस्टरों पर कार्रवाई निंदनीय – जमीअत उलमा-ए-हिंद अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी

नई दिल्ली: (द्वारा–कादरी हुसैन) जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा “आई लव मोहम्मद” जैसे नारों और पोस्टरों पर की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से मुसलमानों का प्रेम उनकी आस्था का आधार है और इसी मार्ग से अल्लाह की प्रसन्नता हासिल होती है। पैगंबर के बिना हमारी ज़िंदगी अधूरी है और मुसलमान इस रिश्ते में किसी भी बलिदान से पीछे नहीं हट सकता।
मौलाना मदनी ने ज़ोर देकर कहा कि पैगंबर का व्यक्तित्व करुणा, दया और प्रेम का प्रतीक है। उनका संदेश सार्वभौमिक और सभी मानवता के लिए पवित्र है। इसलिए उनके नाम या सम्मान को किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया, विरोध या राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। यह उनके पवित्र व्यक्तित्व और इस्लामी आदर्शों की गरिमा के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि धार्मिक भावनाओं और जनमानस का सम्मान करते हुए केवल नारों या पोस्टरों के आधार पर गिरफ्तारी और कारावास जैसे कदम उठाने से परहेज़ किया जाए।
साथ ही, मौलाना मदनी ने मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे धैर्य और विवेक का परिचय दें तथा कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से ही अपना पक्ष रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज में विभाजन फैलाने की साज़िशों और उकसावे की कोशिशों से सावधान रहना बेहद जरूरी है।
