लंपी बीमारी पर सांसद डॉ. कल्याण काले का बड़ा कदम — किसानों और पशुधन की सुरक्षा के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग

जालना/कादरी हुसैन
राज्यभर में तेजी से फैल रही लंपी स्किन डिज़ीज़ (Lumpy Skin Disease) ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस संक्रामक बीमारी से हजारों पशु संक्रमित हो चुके हैं, जबकि अनेक पशुओं की मृत्यु के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसी गंभीर परिस्थिति को देखते हुए जालना-औरंगाबाद क्षेत्र के सांसद डॉ. कल्याण काले ने राज्य की पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे को ईमेल के माध्यम से एक विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
डॉ. काले ने अपने पत्र में कहा कि किसान वर्ग पहले से ही अतिवृष्टि, महंगे उत्पादन खर्च और फसलों की क्षति से जूझ रहा है। अब लंपी बीमारी ने उनके पशुधन — जो उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है — को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आग्रह किया कि शासन को मानवीय दृष्टिकोण से इस मुद्दे को लेकर तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने जालना और छत्रपति संभाजीनगर जिलों के जिलाधिकारी और जिला पशुसंवर्धन अधिकारियों को भी पत्र भेजते हुए पांच तात्कालिक कदम सुझाए हैं —
1️⃣ प्रभावित गांवों में विशेष चिकित्सा दलों की नियुक्ति कर जांच, उपचार और टीकाकरण अभियान चलाया जाए।
2️⃣ लंपी से पीड़ित पशुओं को निशुल्क दवाइयां और उपचार उपलब्ध कराया जाए।
3️⃣ मृत पशुओं के मालिकों को आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की जाए।
4️⃣ पशु चिकित्सालयों में वैक्सीन, दवाओं और स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
5️⃣ प्रत्येक तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लगातार स्थिति की निगरानी की जाए।
डॉ. काले ने अपने बयान में कहा, “किसान इस समय अत्यंत कठिन परिस्थिति में हैं। उनके पशुधन की रक्षा करना ही उनके जीवन और भविष्य की रक्षा करना है। शासन को इस दिशा में तुरंत निर्णय लेकर प्रभावित किसानों को राहत देनी चाहिए।”
उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “यह समय किसानों के आंसू पोंछने का है। यदि शासन ने तत्परता नहीं दिखाई, तो किसानों के सामने एक और बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।”
डॉ. कल्याण काले की इस पहल का जालना और औरंगाबाद जिलों के नागरिकों व किसानों ने स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर भी उनके इस मानवीय और संवेदनशील कदम की सराहना की जा रही है, जिसे किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
