जालना: अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष की बड़ी सफलता — 2024 में अपहृत नाबालिग लड़की और आरोपी दोनों को सुरक्षित ढूंढ निकाला

जालना/कादरी हुसैन
अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष, जालना ने एक लंबित अपहरण मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। घनसावंगी पुलिस स्टेशन में 02 अक्टूबर 2024 को दर्ज शिकायत के अनुसार, नई बस स्टैंड के पीछे रहने वाले एक युवक ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। शिकायत के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
काफी समय बीत जाने के बाद भी पीड़िता और आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी कारण माननीय पुलिस अधीक्षक जालना के आदेशानुसार मामले की जांच अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष को सौंपी गई।
जांच टीम ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल्स की जांच और गुप्त मुखबिरों की मदद से आरोपी प्रल्हाद बंडु उर्फ शंकर लोखंडे (निवासी—नई बस स्टैंड के पीछे, घनसावंगी) की लोकेशन का पता लगाया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि आरोपी नाबालिग पीड़िता को साथ लेकर पैठण फाटा, ता. अंबड, जि. जालना में स्थित एक विटभट्टी पर काम कर रहा था और वहीं रह रहा था।
विश्वसनीय जानकारी मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पैठण फाटा क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी तथा नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। दोनों को आगे की कानूनी प्रक्रिया हेतु घनसावंगी पुलिस स्टेशन में सुपुर्द किया गया है।
यह सफल कार्रवाई माननीय पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार बंसल, माननीय अपर पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपाणी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी जालना श्री अनंत कुलकर्णी तथा पुलिस निरीक्षक (स्थागुशा) श्री पंकज जाधव के मार्गदर्शन में की गई।
इस ऑपरेशन में प्रभारी अधिकारी गणेश शिंदे, पोउपनि रविंद्र जोशी, पोउपनि संजय गवळी, पोहेकॉ कृष्णा देठे, पोहेकॉ सागर बावीस्कर (स्थागुशा), महिला पुलिस अमलदार संगिता चव्हाण, आरती साबळे, रेणुका राठोड एवं चालक संजय कुलकर्णी की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
