जालना में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया; योजनाओं के लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने पर जोर

जालना/कादरी हुसैन
देशभर में प्रतिवर्ष 18 दिसंबर को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस अवसर का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा, उनकी भाषा, धर्म, संस्कृति और परंपराओं के साथ सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना है।
जालना जिले में यह दिवस जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व सभागृह में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित थे अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाळ, निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल, पुलिस निरीक्षक रईतवार, उपशिक्षणाधिकारी श्री पवार, श्री कायंदे, और निरंतर शिक्षा विभाग के शेख वसीम।
अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाळ ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और राज्य द्वारा चलाई जा रही विकास व कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र शासन अल्पसंख्यक समाज के आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और जिले में स्वयंसेवी एवं गैर-सरकारी संस्थाएं भी इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
मौलाना आज़ाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल के जिला प्रबंधक एकनाथ कांबळे ने मुस्लिम, बौद्ध, सिख, पारसी, ईसाई और यहूदी समाज के लिए उपलब्ध व्यावसायिक, शैक्षणिक और सूक्ष्म वित्त योजनाओं की जानकारी दी। वहीं निरंतर शिक्षा विभाग के शेख वसीम ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या उपस्थित रही, जिनमें कई गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
