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औरंगाबाद मनपा चुनाव में ठाकरे गुट में घमासान, चंद्रकांत खैरे ने अंबादास दानवे पर लगाए गंभीर आरोप

औरंगाबाद/प्रतिनिधि 

औरंगाबाद महानगरपालिका चुनाव के मद्देनजर शिवसेना ठाकरे गुट में गंभीर अंतरिक विवाद सामने आया है। माजी सांसद चंद्रकांत खैरे ने अंबादास दानवे पर आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव में फायदा पहुँचाने के लिए उन्होंने उन महिला उम्मीदवारों के टिकट काटे जो जीतने की क्षमता रखती थीं। खैरे के इस बयान के बाद ठाकरे गुट में औरंगाबाद में दो अलग-अलग गुट बनने की स्थिति नजर आ रही है।

उम्मीदवारी न मिलने पर भाजप और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने पहले ही नाराजगी जताई थी। अब ठाकरे गुट में भी कई महिला कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। कई महिलाओं ने चंद्रकांत खैरे से अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं और कहा, “हमने दिन-रात पार्टी के लिए काम किया, फिर हमारे टिकट क्यों काटे गए?” इस पर खैरे ने स्थिति को गंभीर मानते हुए इस गड़बड़झाले का ठीकरा अंबादास दानवे पर फोड़ा।

चंद्रकांत खैरे ने अंबादास दानवे को चेतावनी दी कि “अंबादास दानवे सब कुछ अपने तरीके से कर रहे हैं। मैंने इस शहर में पार्टी खड़ी की, अपना पैसा लगाया। अब मुझे अंधेरे में रखा जा रहा है और बाहरी लोगों को टिकट दिया जा रहा है। अब देखो मैं क्या करता हूँ।”

खैरें की नाराजगी का मुख्य कारण कांग्रेस से आए माजी महापौर अब्दुल रशीद खान उर्फ मामू की उम्मीदवारता रही। मुंबई के शिवसेना भवन में रशीद मामू के प्रवेश के समय खैरे ने उन्हें रोकते हुए कहा था, “तुम्हें उम्मीदवार नहीं बनने देंगे।” बावजूद इसके अंबादास दानवे ने रशीद मामू को टिकट दिला दिया। खैरे ने कहा, “मैं मामू के प्रचार में शामिल नहीं होऊँगा। दानवे ने सब कुछ अपनी मर्जी से किया, मुझे सूची दिखाते समय साधारणतौर पर नहीं पूछा गया। यह मेरा अपमान है।”

भाजपा और शिंदे गुट में भी नाराजगी

महानगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण को लेकर औरंगाबाद में भाजपा में नाराजगी लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर नए चेहरों को मौका देने पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। दोपहर में भाजपा के केंद्रीय प्रचार कार्यालय के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अतुल सावे की गाड़ी पर काले झंडे फहराए गए, जबकि डॉ. भागवत कराड की गाड़ी को आंदोलनकारियों ने रोक दिया।

शिंदे गुट में भी टिकट वितरण को लेकर नाराजगी देखने को मिली। प्रभाग क्रमांक 20 से उम्मीदवार बनने की इच्छा रखने वाले पुराने कार्यकर्ता सुनील सोनवणे को टिकट न मिलने पर उन्होंने आक्रामक प्रदर्शन किया। सोनवणे ने कहा, “जिन्हें हमने कल तक गद्दार कहा, उनके लिए हमें किनारे कर दिया गया।” उन्होंने संजय शिरसाट के निवासस्थान के सामने आंदोलन शुरू किया।

औरंगाबाद महानगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण ने पार्टी में गंभीर अंदरूनी विवाद और विभिन्न गुटों में टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।

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