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गुवाहाटी से फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

जालना/कादरी हुसैन

जालना साइबर पुलिस थाना एवं स्थानीय अपराध शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने के लिए नकली वेबसाइट बनाने वाले एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई गुवाहाटी (असम) से संचालित साइबर ठगी रैकेट के खिलाफ की गई है।

दिनांक 26 नवंबर 2025 को फरियादी अभिजीत कडुबा बावस्कर, सहायक मोटार वाहन निरीक्षक, उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, जालना द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट तैयार कर सरकारी कंप्यूटर प्रणाली में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया और सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए नागरिकों को फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराकर आर्थिक लाभ अर्जित किया।

इस शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाना, जालना में अपराध क्रमांक 23/2025 अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 318(4), 336(2)(3), 340(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएँ 43(1)(B)(H), 66(C), 66(D), 72, 72(A) तथा मोटर वाहन अधिनियम की धाराएँ 3, 4, 7 एवं केंद्रीय मोटर वाहन नियम 11 के तहत मामला दर्ज किया गया।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए माननीय पुलिस अधीक्षक, जालना एवं माननीय अपर पुलिस अधीक्षक, जालना के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव (स्थानीय अपराध शाखा, जालना) तथा पुलिस निरीक्षक गुणाजी शिंदे (साइबर पुलिस थाना, जालना) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपी की पहचान अमर शिव भारती (उम्र 25 वर्ष, व्यवसाय—निजी नौकरी) के रूप में हुई। आरोपी वर्तमान में पिया एक्सोटिका, काहिलापारा, तहसील दिसपुर, जिला गुवाहाटी, असम में रह रहा था, जबकि उसका मूल निवास राजमंदिर कलां, तहसील फरेंदा, जिला महाराजगंज, उत्तर प्रदेश है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार महाराजगंज, गोरखपुर और वाराणसी में ठिकाने बदल रहा था।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन वाराणसी, उत्तर प्रदेश में ट्रेस की गई। इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने वाराणसी पहुँचकर आरोपी को हिरासत में लिया। दिनांक 31 जनवरी 2026 को आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर साइबर पुलिस थाना, जालना के माध्यम से माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे 5 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में इससे पूर्व कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर), सहरसा (बिहार) एवं जालना से तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

यह पूरी कार्रवाई माननीय पुलिस अधीक्षक श्री. अजयकुमार बंसल, माननीय अपर पुलिस अधीक्षक श्री. आयुष नोपाणी तथा माननीय उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री. अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्रवाई में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव, साइबर पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक गुणाजी शिंदे, पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ, योगेश चव्हाण सहित प्रभाकर वाघ, सागर बाविस्कर, इरशाद पटेल, दत्ता वाघुंडे तथा साइबर पुलिस थाना के संदीप मांटे और सचिन चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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