औरंगाबाद में अपराधियों का राज! पुलिस नाकाम, जनता खौफज़दा
रिपोर्ट: नज़ीमोद्दीन काज़ी

औरंगाबाद अब स्मार्ट सिटी नहीं, क्राइम सिटी बन चुकी है! शहर की गलियों में गुंडे, बदमाश और लुटेरे बेखौफ घूम रहे हैं, और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।
चाहे बाजार हो या मोहल्ला, कोई भी सुरक्षित नहीं। स्ट्रीट क्राइम अब इतनी आम बात हो चुकी है कि लोग सड़कों पर निकलने से डरने लगे हैं। मोबाइल छिनतई, बाइक लूट, महिला से छेड़छाड़, मारपीट और खुलेआम गाली-गलौज — जैसे अपराध हर गली के कोने में रोज़ हो रहे हैं।
🔍 CCTV कैमरे बंद, पुलिस कंट्रोल रूम अंधा!
शहर में करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए CCTV कैमरे अब शो-पीस बन चुके हैं। कंट्रोल रूम में बैठे अफसर अलर्ट नहीं, और पुलिस चौकियों में बैठे कर्मी कागज़ी खानापूर्ति में व्यस्त हैं। कार्रवाई तो छोड़िए, अपराधियों को पहचान तक नहीं किया जा रहा!
🚨 पुलिस के हाथ बंधे या आंखें मूंदी हुई हैं?
रिकॉर्ड पर दर्ज पुराने अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्हें पाबंद तक नहीं किया जा रहा। जनता सवाल कर रही है — क्या औरंगाबाद अब भगवान भरोसे चल रहा है?
⛔ जमीन, मकान और प्लॉट खरीद में ठगी का साम्राज्य!
अब सिर्फ सड़कें ही नहीं, रियल एस्टेट में भी लुटेरे काबिज हो चुके हैं। शहर के कोने-कोने में प्लॉट और मकान की डीलिंग में जालसाज़ सक्रिय हैं। नकली दस्तावेज़ों के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ली जाती है। FIR होती है, मगर कार्रवाई? शून्य!
🔥 औरंगाबाद की जनता का सवाल:
📌 क्या अब बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं?
📌 क्या पुलिस सिर्फ ट्रैफिक चालान काटने तक सीमित रह गई?
📌 क्या हर नागरिक को अपनी सुरक्षा अब खुद ही करनी होगी?
💥 जनता को चाहिए एक्शन, ना कि भाषण!
औरंगाबाद को अब चाहिए एक निर्भय और निष्पक्ष पुलिस कमिश्नर
हर थाने को चाहिए एक्शन लेने वाला, जवाबदेह इंस्पेक्टर
अपराधियों को चाहिए सीधा जेल का रास्ता, ना कि समझौता
जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती,
तब तक औरंगाबाद का हर नागरिक रहेगा खौफ में।
