अजित पवार की विमान दुर्घटना पर साजिश का संदेह, बारामती के लोणी भापकर गांव में बंद का ऐलान

खासदार टाईम्स स्पेशल
महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर अब साजिश की आशंका जताई जा रही है। इस मामले की गहन जांच की मांग को लेकर बारामती तालुका के लोणी भापकर गांव में रविवार को बंद रखा जाएगा। इस संबंध में लोणी भापकर ग्राम पंचायत ने पुलिस निरीक्षक को पत्र सौंपकर जानकारी दी है।
ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया है कि मीडिया में चल रही खबरों को देखते हुए अजित पवार की मृत्यु को लेकर घातपात (साजिश) का संदेह है। इसलिए उनके विमान हादसे की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। इस मांग को लेकर गांव की सभी संस्थाएं और ग्रामवासी बंद में शामिल होंगे।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को अजित पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती आ रहे थे, तभी उनका विमान रनवे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के बाद विमान में विस्फोट हुआ, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। 29 जनवरी को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां भारी भीड़ उमड़ी थी। उनके निधन से बारामती में शोक की लहर फैल गई थी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भी बड़ी राजनीतिक रिक्तता पैदा हो गई थी।
इसी बीच विधायक रोहित पवार ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस विमान दुर्घटना में साजिश की आशंका जताई थी। उन्होंने वीएसआर विमान कंपनी और पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर सवाल उठाए थे। रोहित पवार ने कहा था कि जिस विमान से अजित पवार यात्रा कर रहे थे, उसमें जरूरत से ज्यादा ईंधन भरा हुआ था, जिससे बड़ा विस्फोट हुआ। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि पायलट सुमित कपूर ने जानबूझकर विमान को जमीन पर टकराया हो सकता है।
वहीं, अमोल मिटकरी ने भी रोहित पवार के इस रुख का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि दादा की मृत्यु की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सत्य सामने आना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने यह भी मांग की कि उस दिन विमान के लिए नियुक्त पायलट साहिल मदन और यश कहां थे और वर्तमान में कहां हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही ब्लैक बॉक्स का डेटा भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
इस पूरे मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है और अब सभी की निगाहें संभावित जांच पर टिकी हैं।
