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औरंगाबाद: महानगरपालिका का बड़ा झटका! 42 लिपिक लगातार फेल, अब पदावनति और वेतन कटौती तय?

औरंगाबाद: महापालिका में कार्यरत लिपिक वर्ग के 42 कर्मचारियों पर पदावनति की तलवार लटक रही है। कारण यह है कि पदोन्नति और वेतनवृद्धि से जुड़ी टायपिंग परीक्षा में ये कर्मचारी लगातार दूसरी बार असफल रहे हैं। अब इनका भविष्य महापालिका आयुक्त जी. श्रीकांत के निर्णय पर निर्भर है।

शुक्रवार (22 तारीख) को संबंधित लिपिक आयुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे, ताकि अपनी समस्या रख सकें। लेकिन आयुक्त जी. श्रीकांत कार्यालयीन काम से बाहर थे, जिसके चलते कर्मचारियों को निराश होकर लौटना पड़ा।

गौरतलब है कि महापालिका में वर्षों से काम कर रहे कई लिपिकों को टायपिंग तक नहीं आती — यह चौंकाने वाला खुलासा पिछले वर्ष हुई परीक्षा में हुआ था। इसके बाद प्रशासक ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कंत्राटी कामगारों को नौकरी से बाहर किया और स्थायी कर्मचारियों को एक वर्ष का समय देते हुए टायपिंग प्रशिक्षण लेने का आदेश दिया था। लेकिन कई लिपिकों ने इस आदेश को गंभीरता से नहीं लिया।

दूसरी बार ली गई परीक्षा में भी 35 लिपिक असफल रहे, जबकि 7 ने परीक्षा ही नहीं दी। इस तरह कुल 42 लिपिक अब कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। नियमों के अनुसार, जो कर्मचारी दो बार फेल होता है, उस पर पदावनति की कार्यवाही हो सकती है।

यदि यह निर्णय लागू होता है तो इन कर्मचारियों का न केवल वेतन घटेगा, बल्कि उनकी नौकरी में पद और जिम्मेदारियों पर भी सीधा असर पड़ेगा। यही कारण है कि यह 42 कर्मचारी अब गहरी चिंता में हैं। उनका भविष्य पूरी तरह से आयुक्त के अंतिम फैसले पर टिका हुआ है।

अब देखना यह होगा कि आयुक्त इन्हें एक और मौका देते हैं या फिर नियमों के अनुसार पदावनति का फैसला सुनाया जाता है।

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