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औरंगाबाद में भाजपा विधायक संजय केनेकर ने बेटे की दावेदारी वापस ली, कार्यकर्ताओं को मौका देने का दिया संदेश

औरंगाबाद/प्रतिनिधि

राजनीति में बढ़ती घराणेशाही के बीच एक अलग उदाहरण सामने आया है। भाजपा के विधान परिषद सदस्य संजय केनेकर ने अपने बेटे हर्षवर्धन केनेकर की स्वीकृत सदस्य पद के लिए दाखिल उम्मीदवारी वापस ले ली है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले सामान्य कार्यकर्ताओं को अवसर मिलना चाहिए और उनके साथ न्याय होना जरूरी है। इसी भावना के चलते उन्होंने अपने बेटे का आवेदन वापस लिया।

राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित भाजपा नेतृत्व ने पहले ही सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से अपील की थी कि वे अपने परिजनों को चुनाव में आगे न बढ़ाएं। इसी निर्देश का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है।

औरंगाबाद महानगरपालिका में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह है। हालांकि स्वीकृत सदस्य पद के लिए केवल पांच स्थान उपलब्ध हैं, जबकि करीब 80 इच्छुकों ने आवेदन किया है। ऐसे में नेताओं के परिजनों की दावेदारी से कार्यकर्ताओं में नाराजगी की स्थिति बन सकती थी।

इससे पहले पूर्व सांसद डॉ. भागवत कराड के पुत्र हर्षवर्धन कराड ने भी चुनावी मैदान से अपना नाम वापस लिया था।

संजय केनेकर ने कहा कि यदि नेता अपने परिवार को प्राथमिकता देंगे तो वर्षों से मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होगा। इसी सोच के चलते उन्होंने अपने बेटे की उम्मीदवारी वापस लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को अवसर देने का निर्णय लिया।

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