औरंगाबाद नगर निगम बजट बैठक में अतिक्रमण हटाने के आदेश, 3224 करोड़ के बजट पर हुई चर्चा

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
आर्थिक वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के लिए शनिवार (4 तारीख) को नगर निगम के प्रशासनिक सभागार में स्थायी समिति की स्थगित बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाले, कचरा, अतिक्रमण सहित कई मुद्दों पर सदस्यों ने अपनी-अपनी बात रखी, जिसके बाद सभापति अनिल मकरिये ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी काम के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए 3,224 करोड़ रुपये का बजट तैयार कर 25 मार्च को स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये को प्रस्तुत किया था। सदस्यों की मांग पर इस पर विस्तृत चर्चा के लिए बैठक को स्थगित कर शनिवार को आयोजित किया गया।
बैठक के दौरान भाजपा की सदस्य कमल नरोटे ने अंबिकानगर क्षेत्र के नाले की सफाई की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि नाले में कचरा डाले जाने से आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ रही है, जिससे स्थानीय नागरिक परेशान हैं। उन्होंने कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई और सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति की मांग की।
वहीं, एडवोकेट माधुरी अदवंत ने आजाद चौक से सावरकर चौक तक निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों के खड़े रहने पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या यह सड़क निगम ने ठेके पर दी है।
सदस्य रवी कावडे ने चिकलठाणा रोड चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित हुए 40 से अधिक संपत्ति धारकों को मुआवजा देने की मांग की।
बैठक में शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर भी गंभीर चर्चा हुई, जिस पर सभापति ने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कचरा संकलन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान सदस्य अप्पासाहेब हिवाले ने सातारा-देवळाई क्षेत्र के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये और कुल मिलाकर कम से कम 150 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान की मांग की। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पानी की समस्या गंभीर है, जबकि नागरिक नियमित कर भरते हैं। उन्होंने मुफ्त टैंकर सेवा शुरू करने और बीड बायपास पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए भी निधि की मांग की।
सदस्य श्वेता त्रिवेदी ने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के लिए अलग से विशेष टीम गठित करने का प्रस्ताव रखा।
इस बैठक में शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक समस्याओं को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।