चुनावी खेल का पर्दाफाश: बच्चू कडू बोले – मुझे मिला था 10 हजार वोटरों की लिस्ट से नाम काटने का ऑफर

लोकसभा चुनाव में कथित वोट चोरी का मामला अब और पेचीदा होता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दावों के बाद जहां शरद पवार और संजय राऊत ने रहस्यमयी “दो लोगों” का जिक्र किया था, वहीं अब प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष बच्चू कडू ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया है।
बच्चू कडू का दावा – 10 हजार वोटर लिस्ट से हटाने का ऑफर मिला
एक इंटरव्यू में कडू ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें ऐसा ऑफर मिला था कि 10 हजार ऐसे वोटरों के नाम सूची से काट दिए जाएंगे, जो उन्हें वोट नहीं देने वाले थे। बदले में उनके समर्थकों के नाम लिस्ट में शामिल कर दिए जाते। कडू के मुताबिक, “मुझे अपनी जीत पर पूरा भरोसा था, इसलिए मैंने यह ऑफर ठुकरा दिया।”
जब उनसे पूछा गया कि यह ऑफर किसने दिया था – सरकारी अफसर या किसी एजेंसी ने? इस पर कडू ने कहा, “ऐसा काम सरकारी लोग ही कर सकते हैं, बाकी किसी की औकात नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि वह इस पूरे मामले के सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और सही समय आने पर खुलासा करेंगे।
गुवाहाटी दौरे की याद और कडू की व्यथा
बच्चू कडू महाविकास आघाड़ी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बाद में शिवसेना बगावत के समय उन्होंने एकनाथ शिंदे का साथ दिया और गुवाहाटी भी गए थे। लेकिन अब कडू राजनीतिक रूप से अकेले पड़ गए हैं। इस पर उन्होंने कहा –
“गुवाहाटी जाने वालों में बाकी सभी जीत गए, सिर्फ मैं ही हार गया। आप ये सवाल उद्धव ठाकरे और अजीत पवार से क्यों नहीं पूछते? बस मुझे ही कमजोर समझ लिया जाता है।”
राहुल गांधी के आरोपों से जुड़ा मामला
इससे पहले राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वोट चोरी का बड़ा आरोप लगाया था। इसके बाद शरद पवार ने दावा किया कि चुनाव से पहले दो लोग उनके पास आए थे और 160 सीटें जिताने का भरोसा दिलाया था। पवार ने यह भी कहा था कि उन्होंने उन दोनों लोगों को राहुल गांधी से मिलवाया था। पवार की बात को संजय राऊत ने भी समर्थन दिया और बताया कि वही लोग उद्धव ठाकरे से भी मिले थे।
बच्चू कडू के दावे के बाद अब यह पूरा मामला और गंभीर होता जा रहा है, क्योंकि यह सीधे चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ जैसे संवेदनशील आरोपों से जुड़ा है।
